Gujarat: गुजरात के वडोदरा में महिसागर नदी पर 40 साल पुराना पुल पिलर और जोड़ों की क्षति के कारण गिरा। यह जानकारी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आई है। विस्तृत रिपोर्ट एक महीने में सामने आएगी। गुजरात सरकार के प्रवक्ता ऋषिकेश पटेल ने यह जानकारी दी।
गुजरात सरकार के प्रवक्ता और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने वडोदरा जिले के महिसागर नदी पर बने पुल के गिरने की वजह आधार स्तंभ और जोड़ों की क्षति बताया है। पटेल ने शुक्रवार को बताया कि यह जानकारी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आई है।
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यह हादसा बुधवार सुबह आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ने वाले 40 साल पुराने पुल के एक हिस्से के गिरने से हुआ, जिसमें कई वाहन नदी में गिर गए। अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और चार घायल हुए हैं, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।
मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के आदेश पर सड़क और भवन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में पुल के गिरने की वजह आधार स्तंभ (पेडस्टल) और जोड़ों (जॉइंट्स) की क्षति बताई गई है। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट 30 दिन में सौंपेगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस लापरवाही के चलते सड़क और भवन विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, नदी से फंसे हुए सभी वाहनों को बाहर निकाल लिया गया है और तलाशी अभियान अपने अंतिम चरण में है।
इस बीच, गुजरात कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 2022 में एक स्थानीय जिला पंचायत सदस्य ने पुल की खराब हालत को लेकर चेतावनी दी थी, इसके बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। कांग्रेस विधायक और नेता अमित चावड़ा ने मांग की कि राज्य के सभी पुलों की जांच रिपोर्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट सार्वजनिक किए जाएं, ताकि जनता को असुरक्षित पुलों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी जर्जर पुलों को तुरंत बंद किया जाए और वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही पाडरा में उसी स्थान पर एक नया पुल बनाया जाए।