देश के सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल सीआरपीएफ ने एक अनूठी पहल करने की तैयारी की है। करीब 3.25 लाख जवानों की मौजूदगी वाली सीआरपीएफ ने विभिन्न अभियानों में शहीद हुए 2200 जवानों के परिवारों को भी स्वास्थ्य बीमा देने का निर्णय लिया है। इसके प्रीमियम का भुगतान भी सीआरपीएफ ही करेगी। अभी तक शहीद जवानों के परिजनों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए बीमा प्रीमियम का भुगतान खुद करना होता था।
एक वरिष्ठ सीआरपीएफ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमले में शहीद हुए 40 जवानों के परिजनों को स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम भुगतान की सुविधा दी गई थी। इसके बाद देश के विभिन्न सैनिक सम्मेलनों में जवानों से मुलाकात के दौरान सीआरपीएफ महानिदेशक के सामने यह मुद्दा उठा था। इसके बाद डीजी ने सभी शहीदों के परिजनों को इसके दायरे में लाने की विशेष मंजूरी दी है।
सीआरपीएफ महानिदेशक माहेश्वरी ने बताया कि विभिन्न अभियानों के दौरान दिव्यांग हो जाने वाले जवानों को भी हम नए कौशल में दक्ष करना चाहते हैं। इसके लिए विभिन्न दिव्यांग सहयोग व सूचना प्रौद्योगिकी संगठनों के साथ इन जवानों की ट्रेनिंग के लिए एमओयू साइन किए गए हैं।