केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में बतौर सहायक कमांडेंट के पद पर ट्रांसजेंडर की भर्ती को लेकर सीआरपीएफ ने अपनी राय दे दी है। इसमें कहा गया है कि देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल को ट्रांसजेंडर अधिकारी की भर्ती से कोई गुरेज नहीं है। बल ने शुक्रवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपना जवाब भेज दिया है।
इस जवाब में कहा गया है कि 'हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भावना को पूरी तरह से महत्व देते हैं। सीआरपीएफ में पहले से ही जेंडर तटस्थ काम का माहौल है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नीतिगत दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए, हम इसे जरूरत के अनुसार और ज्यादा अनुकूल बनाएंगे।'
बता दें कि केंद्र सरकार, अर्धसैनिक बलों में ट्रांसजेंडर की भर्ती पर विचार कर रही है। संघ लोक सेवा आयोग के जरिए सहायक कमांडेंट के पद पर यह भर्ती होगी। ट्रांसजेंडर को यूपीएससी की वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय से राय मांगी गई है।
केंद्र सरकार ने गत वर्ष ट्रांसजेंडर व्यक्ति से जुड़े (अधिकारों का संरक्षण) कानून को अधिसूचित किया था। इसमें कहा गया था कि ट्रांसजेंडर को सभी क्षेत्रों और सेवाओं में एक समान अवसर दिया जाना जरूरी है। इसके चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल से राय मांगी थी।
इसमें यह भी पूछा गया था कि सीएपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर भर्ती के लिए यूपीएससी जो परीक्षा आयोजित करती है, उसकी अधिसूचना में ट्रांसजेंडर श्रेणी को शामिल किया जाए या नहीं। इसी के तहत सीआरपीएफ ने अपना जवाब दिया है।