सीआरपीएफ ने वीआईपी सुरक्षा के अपने बढ़ती जिम्मेदारी के लिए 1,000 से अधिक कर्मियों वाली एक नई बटालियन को शामिल करने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। वर्तमान में अर्धसैनिक बल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर सहित लगभग 75 उच्च जोखिम वाली हस्तियों की सुरक्षा करता है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सीआरपीएफ ने अपनी वीआईपी सुरक्षा इकाई के लिए एक और बटालियन शामिल करने की मांग की है जो सुरक्षा प्राप्त लोगों को सशस्त्र कवर प्रदान करती है।
वीआईपी सुरक्षा कार्य के लिए पांच बटालियनें
वर्तमान में वीआईपी सुरक्षा कार्य के लिए इसकी पांच बटालियनें निर्धारित की गई हैं और इसकी यूनिट देश भर में स्थित हैं जो वीआईपी के साथ उनकी घरेलू यात्रा के दौरान साथ रहते हैं। हर सीआरपीएफ बटालियन में 1,000 कर्मी होते हैं और इसकी वीआईपी सुरक्षा इकाइयां एमपी 5 और बैलिस्टिक सुरक्षा कवच जैसी परिष्कृत बंदूकों से लैस होती हैं। केंद्र सरकार ने कुछ साल पहले स्पष्ट किया था कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) केंद्रीय गृह मंत्रालय की कमान के तहत वीआईपी सुरक्षा कर्तव्यों की रीढ़ होंगे।
अधिकारियों ने कहा कि सीआरपीएफ मध्यम, हल्के और बड़े वर्ग के चार पहिया वाहनों में अधिक बुलेट प्रतिरोधी वाहनों को शामिल करने की प्रक्रिया में है, जिनका उपयोग वे परिचालन और प्रशासनिक कार्यों के लिए करते हैं। इन वाहनों को तीन प्रमुख जगहों में वितरित किया जाएगा जहां सीआरपीएफ तैनात है। ये हैं, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्य, जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान और कानून और व्यवस्था से जुड़ा कार्य व उत्तर पूर्वी राज्यों में आतंकवाद विरोधी अभियान।