पुलवामा जैसे आतंकी हमलों से बचने के लिए केंद्र सरकार ने कश्मीर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को छुट्टी पर जाने पर एमआई-17 हेलिकॉप्टर की सुविधा मुहैया कराने का फैसला लिया है। आईईडी धमाकों से बचने के लिए कश्मीर से छुट्टी पर जाने वाले जवानों को एमआई-17 से नजदीकी गंतव्य तक छोड़ा जाएगा।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह सुविधा कहां तक मिलेगी लेकिन अधिकारियों का दावा है कि संभवत: यह सुविधा जम्मू या श्रीनगर एयरपोर्ट तक के लिए होगी। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इस फैसले को लागू कर दिया है और सीआरपीएफ ने इस संदर्भ में बृहस्पतिवार को आदेश भी जारी किया।
सीआरपीएफ के पत्र में कहा गया है कि मैग्नेटिक आईईडी और आरसीआईईडी के खतरे को देखते हुए एमआई-17 हेलिकॉप्टर के जरिये जवानों को लाने ले जाने का फैसला लिया गया। हफ्ते में तीन दिन जवानों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सीआरपीएफ ने हेलिकॉप्टर सुविधा हासिल करने के लिए एक फार्मेट भी जवानों के लिए जारी किया है।
14 फरवरी 2019 को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने दक्षिण कश्मीर में पुलवामा के नजदीक जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। यह नई सुविधा सुरक्षा बलों को सड़क मार्ग से यात्रा के दौरान हमले के खतरे से बचाने में मदद करेगी।
पत्र में कहा गया है कि जवानों को हेलिकॉप्टर सुविधा लेने के लिए अपनी यूनिट को सूचना देनी होगी और इस संदर्भ में एक दिन पहले अनुरोध देना होगा। यह मांग लंबे समय से लंबित थी, जिसे अब लागू किया गया है। अब जवान और अधिकारी हफ्ते में तीन बार बीएसएफ एमआई-17 के जरिये आसानी से यात्रा कर सकेंगे।