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कोरोना की लड़ाई में प्लाज्मा दान करने वाले सीआरपीएफ कर्मियों को मिलेगा डीजी की तरफ से प्रशंसा पत्र

Wed, 08 Jul 2020 05:52 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीआरपीएफ देश का एक ऐसा बल है, जिसकी रग-रग में सामाजिक सेवा एवं सरोकार भरे पड़े हैं। इससे पहले जब कभी रक्तदान की जरूरत महसूस की गई, तो इस बल के जवानों और अधिकारियों ने सदैव दो कदम आगे बढ़कर उसमें भाग लिया है...
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Direction General, Central Reserve Police Force (CRPF) AP Maheshwari - फोटो : ANI (File)
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विस्तार
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देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के अनेक अधिकारी और जवान कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आ गए थे। इलाज और अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के बाद वे ठीक हो गए। अब वही कर्मी दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आए हैं।

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जब इन कर्मियों को प्लाज्मा डोनेशन के बारे में बताया गया, तो वे इसके लिए खुशी-खुशी तैयार हो गए। डीजी डॉ. एपी महेश्वरी ने कहा, मुझे अपने इन कर्मियों पर गर्व है। ये ऐसे योद्धा हैं, जो उतनी ही तेजी से सिविल एक्शन कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, जितनी फुर्ती से आतंकी, नक्सली या किसी दूसरे बड़े ऑपरेशन में आगे रहते हैं।

कोरोना की लड़ाई में प्लाज्मा दान करने वाले सीआरपीएफ कर्मियों को डीजी का प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। आने वाले दिनों में बल के अनेक कर्मी प्लाज्मा डोनेशन के लिए आगे आएंगे।
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सीआरपीएफ देश का एक ऐसा बल है, जिसकी रग-रग में सामाजिक सेवा एवं सरोकार भरे पड़े हैं। इससे पहले जब कभी रक्तदान की जरूरत महसूस की गई, तो इस बल के जवानों और अधिकारियों ने सदैव दो कदम आगे बढ़कर उसमें भाग लिया है।

गत फरवरी में जब दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में रक्त की कमी महसूस की गई, तो रात में सीआरपीएफ के 50 जवान रक्तदान करने के लिए पहुंचे थे। उसके बाद एम्स के लिए लगे रक्तदान शिविर में इस बल के जवानों ने पांच सौ यूनिट खून दिया था।

बल की सभी यूनिटों में रक्तदान शिविर आयोजित होते रहते हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान हमारे जवानों एवं अधिकारियों ने 31 हजार यूनिट से ज्यादा ब्लड दान किया है। डीजी डॉ. एपी महेश्वरी बताते हैं कि केवल रक्तदान ही नहीं, हमारे जवान अंगदान में भी आगे हैं।  
 

अंगदान के लिए 25 हजार से अधिक कर्मियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह बल चाहे देश के किसी भी हिस्से में तैनात हो, वहां कैसी भी परिस्थितियां हों, मगर इसके अधिकारी व जवान सिविक एक्शन कार्यक्रम शुरू करने में देरी नहीं करते।

कश्मीर हो या नक्सल प्रभावित क्षेत्र, सीआरपीएफ कर्मियों ने हमेशा दो कदम आगे बढ़ाकर लोगों की मदद की है। अभी दिल्ली में छह-सात जवानों ने प्लाज्मा दान किया है। दूसरी जगहों पर तैनात जवानों ने इसके लिए अपनी इच्छा जताई है।

जवानों को प्लाज्मा के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। अगर उनकी कोई शंका है तो उसे दूर किया जाता है।


बता दें कि तीन माह पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 31वीं बटालियन में कोरोना संक्रमण के अनेक केस सामने आए थे। जो कर्मी अब कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, वे अपना प्लाज्मा दान कर रहे हैं। अगर सभी केंद्रीय बलों की बात करें तो करीब चार हजार प्लाज्मा डोनर सामने आए हैं।

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