देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) में बुधवार को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद दो महिलाओं सहित 46 प्रशिक्षु अधिकारियों को सहायक कमांडेंट के रूप में नियुक्त किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने परेड की सलामी ली। हरियाणा के कादरपुर गांव (गुरुग्राम) में सीआरपीएफ अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने उनसे देश के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण आंतरिक सुरक्षा क्षेत्रों में काम करने वाले सैनिकों को मजबूत नेतृत्व प्रदान करने का आग्रह किया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए अधिकारी जल्द ही सीआरपीएफ की विभिन्न परिचालन इकाइयों में शामिल हो जाएंगे, जिन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों के तीन मुख्य युद्ध क्षेत्रों में तैनात किया गया है- जम्मू और कश्मीर में, पूर्वोत्तर में उग्रवाद विरोधी कार्यों के लिए, और राज्यों में नक्सल विरोधी अभियानों से निपटने के लिए। इन रंगरूटों ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मार्च 2025 में प्रशिक्षु के रूप में सीआरपीएफ में शामिल हुए।
सीआरपीएफ गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है। "सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारियों (डीएजीओ) के 56वें बैच के 46 प्रशिक्षुओं में दो महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने अन्य सेवा क्षेत्रों के अलावा युद्ध, प्रशासन और नेतृत्व में 52 सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त किया।" अधिकारी ने कहा, "बुधवार को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद उन्होंने असिस्टेंट कमांडेंट (एसी) का अपना पहला रैंक हासिल कर लिया है।"
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52 सप्ताह का मूल प्रशिक्षण ...
24 मार्च 2025 को 52 सप्ताह का मूल प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ था। अकादमी द्वारा प्रदान किए गए पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों/संगठनों के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल भी संचालित किए गए। इनमें राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के संकाय द्वारा विधि सत्र, आईईडी स्कूल पुणे द्वारा आईईडी मॉड्यूल, नोएडा स्थित वीआईपी प्रशिक्षण केंद्र द्वारा वीआईपी सुरक्षा, एमडीआई गुरुग्राम द्वारा प्रबंधन सत्र, सीआरपीएफ इंटेलिजेंस स्कूल द्वारा खुफिया प्रशिक्षण, बीएसएफ बीआईएएटी देहरादून में रिवर राफ्टिंग/एडवेंचर प्रशिक्षण और आरएपीओ मेरठ द्वारा दंगा नियंत्रण प्रशिक्षण आदि शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने एसपीयूपी जोधपुर से आंतरिक सुरक्षा एवं पुलिसिंग में पीजी डिप्लोमा भी प्राप्त किया।
लगभग 3.25 लाख कर्मियों वाली केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) देश की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल है। इसकी स्थापना 1939 में ब्रिटिश शासन के तहत क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस (सीआरपी) के रूप में हुई थी। 1949 में इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर दिया गया।