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सीआरपीएफ का 81वां स्थापना दिवस आज, शाह ने कहा- जवानों की वीरता और साहस पर गर्व

Sat, 27 Jul 2019 01:55 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीआरपीएफ आज 81वां स्थापना दिवस मना रहा है - फोटो : Twitter
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गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सीआरपीएफ के स्थापना दिवस के मौके पर अर्धसैनिक बल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल की विभिन्न क्षेत्रों में सेवा करने की प्रतिबद्धता और समर्पण असाधारण है। शाह ने कहा कि भारत को सीआरपीएफ जवानों की वीरता और साहस पर बहुत गर्व है।

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शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर मैं सीआरपीएफ जवानों और उनके परिवार को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। विभिन्न इलाकों में राष्ट्र की रक्षा करते हुए सीआरपीएफ की प्रतिबद्धता और समर्पण असाधारण है। भारत को सीआरपीएफ जवानों की वीरता और साहस पर बहुत गर्व है।' 1939 में क्राउन प्रतिनिधि पुलिस के रूप में यह बल अस्तित्व में आया था। 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के कानून बनने पर यह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) बन गया।




यह बल 246 बटालियन के साथ एक विशाल संगठन के तौर पर विकसित हो चुका है। जिसमें 208 कार्यकारी बटालियन, छह महिला बटालियन, 15 रैपिड एक्शन फोर्स (दंगा विरोधी) बटालियन, 10 कोबरा (विशेष नक्सल विरोधी) बटालियन शामिल हैं। एक बटालियन में लगभग 1,000 जवान होते हैं। इस बल में पांच सिग्नल बटालियन हैं। इसका एक स्पेशल ड्यूटी ग्रुप, एक पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप, 43 ग्रुप सेंटर, 20 ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 100 बेड के चार कंपोजिट हॉस्पिटल और 50 बेड के 17 कंपोजिट हॉस्पिटल भी हैं। 
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सीआरपीएफ का मिशन सरकार को कानून, सार्वजनिक व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को प्रभावी और कुशलता से बनाए रखने में सक्षम बनाना है। जिससे राष्ट्रीय एकता को बनाए रखा जा सके और संविधान के वर्चस्व को बरकरार रखते हुए सामाजिक सद्भाव और विकास को बढ़ावा दिया जा सके। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेने के लिए सीआरपीएफ प्रमुख बल बन चुका है। इसके अलावा पूर्वोत्तर में यह वामपंथी चरमपंथ और उग्रवाद से लड़ रहा है।

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