दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज गौरांग कंठ, जिनका अब कलकत्ता उच्च न्यायालय में तबादला हो गया है, उनका एक पत्र वायरल हो रहा है। ये पत्र उन्होंने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी 'सुरक्षा' मंगेश कश्यप को लिखा था। इस पत्र की कॉपी सीआरपीएफ डीजी डॉ. एसएल थाउसेन और आईजी 'प्रशासन' राजेश कुमार को भेजी गई है।
जस्टिस कंठ का कहना था कि उनके आवास पर जो सुरक्षा कर्मी हैं, वे अपना काम ठीक से नहीं करते। लापरवाह सुरक्षा कर्मियों के चलते उन्हें अपने पालतू कुत्ते से हाथ धोना पड़ा है। इस मामले में तुरंत प्रभाव और बारीकी से जांच शुरू की जाए। आरोपी सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड करें।
ये पत्र 12 जून को लिखा गया था। हालांकि अब जस्टिस गौरांग कंठ का तबादला हो चुका है। उन्होंने ज्वाइंट सीपी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि सुरक्षा कर्मियों में ड्यूटी के प्रति समर्पण का अभाव है। उनकी अयोग्यता के कारण उन्होंने अपने पालतू कुत्ते को खो दिया। मैंने कहा था कि आवास का मुख्य दरवाजा बंद रखा करें, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ।
वे सुरक्षा कर्मी अपने ड्यूटी पर फेल हो गए। उन्होंने ड्यूटी के प्रति अक्षमता दिखाई। इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इस तरह की सुरक्षा में तो खुद मैं और मेरा परिवार असुरक्षित है। उनकी यह लापरवाही हमारे परिवार की स्वतंत्रता के लिए एक खतरा बन सकती है। आवास में कौन अंदर आ रहा है और कौन बाहर जा रहा है, इसका कोई ध्यान ही नहीं है। ये बात पूरी तरह असहनीय है। आरोपी सुरक्षा कर्मियों को सस्पेंड करें। वे सरकारी सेवा करने के लायक नहीं है।