देश का सबसे बड़ा केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' कोरोना संक्रमण के दौरान अपने जवानों के परिजनों का पूरा ख्याल रखेगा। बल के जवान कहीं भी कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्र या उत्तर पूर्व सहित किसी दूसरे इलाके में तैनात हैं, अगर उनके परिवार का कोई सदस्य दिल्ली में कोरोना संक्रमण से ग्रस्त है तो हेडक्वार्टर उनकी मदद करेगा। परिजनों को मेडिकल सलाह के अलावा उनकी हर तरह से सहायता की जाएगी। इसके अंतर्गत मरीजों को अस्पताल में बेड दिलाना, दवा, इंजेक्शन और ऑक्सीजन का इंतजाम आदि शामिल है।
बता दें कि सीआरपीएफ में लगभग सवा तीन लाख अधिकारी और जवान कार्यरत हैं। आतंकवादियों और नक्सलियों के खिलाफ होने वाले ऑपरेशन हों, दंगा, चुनावी ड्यूटी या प्राकृतिक आपदा, इस बल के जवान ऐसे मोर्चों पर आगे रहते हैं। अनेक जवान ऐसे हैं जिनके परिजन दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं। मौजूदा समय में कोरोना संक्रमण ने दिल्ली में कहर बरपा रखा है। ऐसे में कोई जवान हजारों किलोमीटर दूर कहीं पर ड्यूटी दे रहा है और दिल्ली में उसके परिवार में से किसी सदस्य को कोरोना हो जाता है, तो वह एकाएक उसकी मदद के लिए नहीं पहुंच सकता।
देखने में आया है कि ऐसी आपदा में जवानों को अपने परिवार की चिंता लगी रहती है। उनकी इसी चिंता को देखते हुए सीआरपीएफ मुख्यालय ने यह आदेश जारी किया है कि किसी भी जवान के परिवार में कोई सदस्य कोरोना संक्रमित है, तो मुख्यालय द्वारा उसकी पूरी मदद की जाएगी। सीआरपीएफ मुख्यालय ने इसके लिए दो नंबर जारी कर दिए हैं। इनमें से एक नंबर पर चिकित्सा सहायता एवं सलाह और दूसरे नंबर के जरिए प्रशासनिक मदद दी जाएगी। चिकित्सा सलाह के लिए 011-26174200 और प्रशासनिक मदद के लिए 9990387412 पर संपर्क किया जा सकता है।