बता दें कि के. विजय कुमार जब सीआरपीएफ के डीजी थे, तो उन्होंने ऐसी ही एक व्यवस्था शुरू की थी। वे सीआरपीएफ के दिल्ली मुख्यालय में प्रत्येक गुरुवार को खुद जवानों और अफसरों से मुलाकात करते थे। इसके लिए बल मुख्यालय परिसर में विशेष इंतजाम किया जाता था।
सीआरपीएफ मुख्यालय ने अपने आदेश में कहा है कि अब सप्ताह में सोमवार से लेकर शुक्रवार तक कोई भी जवान और अफसर डीजी या आईजी से मिल सकता है। इसके लिए उसे अपने कमांडेंट या प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन देना होगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद वह बल मुख्यालय आ सकता है। यहां उसे पर्स विभाग में आवेदन जमा कराना होगा। यह काम दोपहर एक बजे से पहले हो जाना चाहिए।
वहीं अगर कोई कर्मी एक बजे के बाद वहां पहुंचता है तो उस दिन उसकी मुलाकात संभव नहीं होगी। इसके लिए उसे अगले दिन इंतजार करना होगा। प्रतिदिन मुलाकात का समय दोपहर साढ़े 12 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक रखा गया है। बता दें कि कई वर्ष पहले डॉ. एके महेश्वरी जब सीआरपीएफ में आईजी थे, तो उन्होंने इसी तरह की कई योजनाएं बनाई थी।
वहीं अब वे डीजी बन चुके हैं तो उनके लिए अपने जवानों और अफसरों के कल्याणार्थ योजनाओं को लागू करना आसान हो गया है। पिछले दिनों एक प्रेसवार्ता में डीजी ने कहा था कि सीआरपीएफ एक बड़ा परिवार है। यहां सबको मिलकर रहना है। कोई भी जवान अपनी बात सीनियर के समक्ष रख सकता है। हमारा प्रयास रहेगा कि जवानों और अफसरों को कोई दिक्कत न हो। जब वे खुश रहेंगे, तभी यह बल अपनी ड्यूटी को अच्छे से पूरा कर सकता है।