केंद्र सरकार ने आठवे केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया है। सीआरपीएफ ने भी अपने आर्थिको हितों की बात रखने के लिए एक बोर्ड का गठन किया है। यह बोर्ड आयोग को अपने सुक्षाव देगा। इस बोर्ड में सभी रैंकों के 30 प्रतिनिधि को रखा गया है।
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के वेतन/भत्तों और दूसरे तरह के आर्थिक फायदों में बदलाव के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया है। गत वर्ष तीन नवंबर को जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग 18 महीने में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देगा।
बोर्ड में कौन कौन शामिल
सीआरपीएफ ने दो जनवरी को एडीजी (हेडक्वार्टर) संदीप खिरवार की अध्यक्षता में एक विशेष बोर्ड गठित किया था। बोर्ड में मितेश जैन आईजी (पर्स), किशोर प्रसाद डीआईजी रेंज नई दिल्ली, रमेश कुमार ग्रुप सेंटर जमशेदपुर, पदम कुमार डीआईजी जीसी, बंगलुरु, वाईएन राय कमांडेंट 128 बटालियन, अभिषेक सिंह डीएफए महानिदेशालय और संदीप सिंह पंवार टूआईसी को बोर्ड का सदस्य बनाया गया। इनके अलावा सहायक कमांडेंट (मिनिस्ट्रियल), इंस्पेक्टर (मिनिस्ट्रियल), इंस्पेक्टर स्टैनो, उप निरीक्षक मिनिस्ट्रियल, हवलदार जीडी व दो सिपाही रनर ड्यूटी, को भी बोर्ड में शामिल किया गया था।
अब इस बोर्ड में सीआरपीएफ के सभी रैंकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। एसएमओ रैंक से एक प्रतिनिधि, डिप्टी कमांडेंट रैंक में एक और सहायक कमांडेंट रैंक से दो प्रतिनिधि लिए जाएंगे। एसी (मिनिस्ट्रियल) से एक प्रतिनिधि, एसी (पीएस) रैंक से एक प्रतिनिधि, इंस्पेक्टर/जीडी रैंक से एक, इंस्पेक्टर/जीडी (एमएएच) रैंक से एक, इंस्पेक्टर (मिनि.) रैंक से एक, एसआई/जीडी रैंक से एक, एसआई/एमटी रैंक से एक, एसआई/स्टाफ नर्स रैंक से एक और एसआई (मिनिस्ट्रियल) रैंक से एक प्रतिनिधि, बोर्ड में शामिल होंगे।
इनके अलावा एसआई/आरओ रैंक से एक, एएसआई जीडी रैंक से एक, एएसआई/फार्मासिस्ट रैंक से एक, एएसआई/आर्मर रैंक से एक, एएसआई एमएम रैंक से एक, हवलदार जीडी रैंक से दो प्रतिनिधि, हवलदार/डीवीआर रैंक से एक, हवलदार/टीएलआर रैंक से एक, हवलदार/एसके रैंक से एक, हवलदार बार्बर रैंक से एक, हवलदार कुक रैंक से एक, हवलदार/डब्लूएम रैंक से एक, सिपाही/जीडी रैंक से तीन प्रतिनिधि और सिपाही/महिला रैंक से एक प्रतिनिधि, आठवें वेतन आयोग के लिए रिपोर्ट तैयार करने में बोर्ड को अपने सुझाव देंगे। इस तरह उक्त रैंकों में से तीस सदस्यों को आठवें वेतन आयोग के लिए सुझाव देने वाले बोर्ड में शामिल किया गया है। बोर्ड के चेयरपर्सन को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने विवेक से अतिरिक्त मेंबर और तकनीकी सदस्य, बोर्ड में शामिल कर सकते हैं।
नकस्लवाद ग्रसित इलाकों में सीआरपीएफ का अहम योगदान
ऐसे में इस बल को आठवां वेतन आयोग, खास तव्वजो दे, इसके लिए बोर्ड का गठन किया गया है। वेतन आयोग को जो रिपोर्ट सौंपी जाएगी, उसमें सीआरपीएफ की तैनाती वाले जोखिम भरे क्षेत्रों के बारे में बताया जाएगा। वहां पर जवानों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, उन क्षेत्रों तक जाने के लिए ट्रांसपोर्ट के कौन से साधन है, सड़कें एवं दूसरी मूलभूत सुविधाओं की क्या स्थिति है। मौजूदा समय में सीआरपीएफ जवानों के लिए वेतन एवं भत्तों का ढांचा, जोखिम भत्ते, एचआरए, हेल्थ सेवाएं और दूसरी दिक्कतों का उल्लेख, बोर्ड की रिपोर्ट में रहेगा। वेतन भत्ते और अन्य वित्तीय फायदों को किस तरह से बेहतर बनाया जा सकता है, उनमें सुधार के लिए जरुरी सुझाव बोर्ड द्वारा दिए जाएंगे।
खासतौर से जम्मू कश्मीर, नक्सल और उत्तर पूर्व में जवानों एवं अफसरों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, उनका उल्लेख भी किया जाएगा। सीआरपीएफ में लंबे समय से कैडर रिव्यू नहीं हो पा रहा है, इसके चलते अफसर और जवान, पदोन्नति के मोर्चे पर पिछड़ गए हैं। 'संगठित समूह ए सेवा' (ओजीएएस) और 'नॉन-फंक्शनल वित्तीय उन्नयन' (एनएफएफयू) जैसे मुद्दे, अदालतों में लंबित हैं। इन बातों के मद्देनजर भी जरुरी सुझाव, बोर्ड द्वारा आठवें वेतन आयोग को दिए जाएंगे।
सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के कार्मिकों को भी पदोन्नति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वित्त मंत्रालय के 2008 में जारी एक कार्यालय ज्ञापन 'ओएम' में कहा गया था कि जिन कर्मियों का 48 सौ रुपये का 'ग्रेड पे' है और वे उसमें चार साल की सेवा कर चुके हैं तो उनका 'ग्रेड पे' 54 सौ रुपये हो जाएगा। यह बात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में स्वत: ही लागू नहीं होती। इसे लागू कराने के लिए इंस्पेक्टरों को अदालतों का सहारा लेना पड़ता है। इस तरह के मुद्दे भी बोर्ड की सिफारिशों में शामिल किए जा सकते हैं।