लॉकडाउन के कारण नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली इलाकों में फंसी दो बारात समेत 600 लोगों को सीआरपीएफ बटालियन करीब एक महीने से भोजन मुहैया करा रही हैं। 23 मार्च को निकले इन बारातियों को इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि सरकार लॉकडाउन की घोषणा करने जा रही है। खास बात यहा है कि इन लोगों की सेवा सीआरपीएफ के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) सोनू कुमार कर रहे हैं जो कि खुद 5 अप्रैल को शादी के बंधन में बंधने वाले थे। लेकिन लॉकडाउन के चलते वह उत्तरप्रदेश स्थित अपने गृहनगर नहीं जा सके।
सीआरपीएफ की 191वीं बटालियन के कमांडिंग अधिकारी प्रभाकर त्रिपाठी ने बताया कि 23 मार्च को बंधारा और चंद्रापुर से दो बारात गढ़चिरौली आई थी। दोनों ही बारात में करीब 20-20 लोग हैं। शादी के अगले ही दिन देशभर में लॉकडाउन की घोषणा हो गई। दोनों ही जगह दुल्हन के पिता मजदूर हैं और सीमित साधन के चलते वे इतने लोगों के भोजन की व्यवस्था नहीं कर सकते और राशन भी खत्म हो गया। जब इस बात का पता बटालियन को चला तो यह तय हुआ कि सबके खाने के व्यवस्था बटालियन करेगी।
सीआरपीएफ द्वारा मदद किए जाने पर आसपास के लोगों ने भी उनसे मदद की गुहार की। जिस पर सीआरपीएफ ने उनकी भी मदद करने का फैसला लिया। त्रिपाठी ने बताया कि आज की तारीख में बारातियों समेत आसपास के 600 लोगों को दो समय का भोजन उपलब्ध करा रही है। बच्चों को दूध की सुविधा दी जा रही है जो कि आगे भी जारी रहेगी। ये हमारे वो भाई-बहन हैं जिनके साथ कई सालों से साथ रह रहे हैं।
वहीं सीआरपीएफ ने कहा कि बारातियों की सेवा में लगे एएसआई सोनू कुमार को हमने आश्वस्त किया है कि लॉकडाउन खुलने के बाद जब उनकी शादी होगी तो उन्हें एक शानदार उपहार दिया जाएगा। ।