केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने संवेदनशील जानकारी चुराने वाले अनधिकृत एप से अपने 3.25 लाख से अधिक कर्मियों को सतर्क किया है। सीआरपीएफ ने कहा कि यह एप जवानों के निजी और संगठनात्मक विवरणों तक पहुंचने का प्रयास करके गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा करता है।
अर्द्धसैनिक बल की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा ने एक एडवाइजरी जारी कर कहा कि ‘संभव एप्लीकेशन राइटर’ नाम के एक एप का विज्ञापन व्हाट्सएप और यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ ने सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसियों से ऑनलाइन प्ले स्टोर से इस ‘अनधिकृत’ एप को हटाने को कहा है।
जारी की एडवाइजरी
सीआरपीएफ ने कहा कि यह एप उसके द्वारा विकसित या अनुशंसित नहीं किया गया है। मूल एप का नाम सीआरपीएफ संभव है और इसका इस्तेमाल उसके जवानों और सीआरपीएफ के अन्य कर्मियों द्वारा अपने व्यक्तिगत और प्रशासनिक विवरण जैसे वेतन, छुट्टियां और स्थानांतरण के संबंध में पात्रता की जांच करने के लिए किया जाता है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि फर्जी एप गलत दावा कर रहा है कि यह उपयोगकर्ताओं (सीआरपीएफ कर्मियों) को ‘संभव’ एप पर अपलोड करने के लिए आवेदन तैयार करने में मदद कर सकता है। उसके बाद उपयोगकर्ता अपनी फोर्स आईडी, यूनिट का नाम और अन्य व्यक्तिगत और आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे। एडवाइजरी में कहा गया है कि इस फर्जी एप से अहम जानकारी साझा करने से गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है। इस एप को डाउनलोड, इंस्टॉल या इस्तेमाल न करें।
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सीआरपीएफ ने 3.25 लाख कर्मियों के लिए ‘बीएमआई अभियान’ शुरू किया
सीआरपीएफ ने मंगलवार को अपने तीन लाख से अधिक कर्मियों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने और उन्हें युद्ध के लिए तैयार रखने के लिए ‘बीएमआई अभियान’ शुरू किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कवायद दो चरणों में चलेगी और 31 अक्टूबर को समाप्त होगी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक (डीजी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने यहां बल के मुख्यालय में इस अभियान का शुभारंभ किया।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में 3.25 लाख कार्मिक हैं और इसे देश का प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल माना जाता है। इसके तीन मुख्य युद्ध क्षेत्र हैं- नक्सल रोधी, आतंकवाद रोधी और उग्रवाद रोधी अभियान।