दक्षिण कोलकाता के भाबानीपुर इलाके में मंगलवार की आधी रात के बाद तनाव भड़क उठा। जब टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायक और वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय के आवास के बाहर भीड़ जमा हो गई। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भीड़ तितर-बितर हो गई।
कुछ देर तक लगाते रहे नारे
ममता बनर्जी के निवर्तमान मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि आधी रात के आसपास रूपनारायण नंदन लेन स्थित उनके आवास के सामने एक गिरोह इकट्ठा हुआ और हंगामा किया। उन्होंने कहा, 'कुछ उपद्रवी मेरे घर के सामने जमा हो गए और कुछ देर तक नारे लगाते रहे। हालांकि, जैसे ही मेरे सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस स्टेशन को फोन किया, पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उपद्रवी वहां से चले गए।'
चट्टोपाध्याय ने कहा कि हमलावर गुंडे थे। वह उन्हें किसी भी राजनीतिक दल से जोड़ना नहीं चाहते थे। हालांकि न तो चट्टोपाध्याय और न ही कोलकाता पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि इस घटना के संबंध में कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं।
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राज्य भर में आगजनी की घटना
इस बीच, 4 मई को मतगणना के बाद से राज्य भर में आगजनी की छिटपुट घटनाओं में, टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजीनगर क्षेत्र में टीएमसी उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की। कस्बा के रूबी क्रॉसिंग स्थित टीएमसी पार्षद सुशांत घोष के कार्यालय सहित अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ की गई। पनिहाटी विधानसभा क्षेत्र में, सत्तारूढ़ पार्टी के कई कार्यालयों पर कथित तौर पर रात भर कब्जा कर लिया गया, क्योंकि युवाओं के समूहों ने सड़क किनारे की संरचनाओं में तोड़फोड़ की और ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की तस्वीरों वाले पोस्टर और होर्डिंग्स को फाड़ दिया।
दोनों पार्टी के एक- एक कार्यकर्ता की मौत
टीएमसी ने कहा कि मुर्शिदाबाद स्थित उनके पार्टी कार्यालय पर गुंडों ने हमला किया। पार्टी ने कहा, 'तोड़फोड़ और अराजकता, यही भाजपा का असली चेहरा है। यह भाजपा के गटर राजनीति की ओर पतन का संकेत है।' पुलिस ने बताया कि मंगलवार को चुनाव के बाद हुई हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में भाजपा और टीएमसी के एक-एक कार्यकर्ता की मौत हो गई।