कर्नाटक में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों में सामने आई क्रॉस-वोटिंग की घटना ने बीजेपी के भीतर हलचल बढ़ा दी है। इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने दावा किया है कि उन्होंने चुनाव से पहले ही पार्टी नेतृत्व को संभावित गड़बड़ी के बारे में चेतावनी दे दी थी।
चुनाव से पहले मिली थी संदिग्ध बैठक की जानकारी
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए गौड़ा ने बताया कि 13 जून की शाम उनके एक करीबी व्यक्ति ने उन्हें फोन कर जानकारी दी थी कि शहर के एक लग्जरी टावर में कुछ भाजपा नेताओं और अन्य लोगों की बैठक हुई है, जिसमें विधान परिषद चुनाव को लेकर चर्चा की गई। गौड़ा के मुताबिक, सूचना देने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान गुप्त रखने का अनुरोध किया था और मामले की जांच करने को कहा था। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति राजनीति से जुड़ा नहीं है, लेकिन भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक है।
विजयेंद्र और अशोक से संपर्क नहीं हो पाया
गौड़ा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों से बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वे इस जानकारी को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पार्टी के एक राज्य महासचिव को पूरे मामले से अवगत कराया और सतर्क रहने को कहा।
‘डीके शिवकुमार के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल था’
सदानंद गौड़ा ने बताया कि उन्होंने पार्टी महासचिव से कहा था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार के लिए पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा है और जीत हासिल करने के लिए वे हर संभव कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जानकारी देने के बाद उन्होंने इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया और चुप्पी बनाए रखी।
चुनाव नतीजों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता
बता दें कि पिछले सप्ताह हुए विधान परिषद चुनाव में सात सीटों में से कांग्रेस ने पांच सीटें जीत लीं, जबकि बीजेपी के खाते में दो सीटें आईं। जनता दल (सेक्युलर) अपने हिस्से की एकमात्र सीट भी नहीं जीत सकी। सूत्रों के अनुसार, चुनाव परिणामों से संकेत मिले कि भाजपा और जेडी(एस) के कुछ विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। कांग्रेस को कुल 151 वोट मिले, जबकि उसके पास अनुमानित रूप से 140 वोट ही होने चाहिए थे। यानी उसे 11 अतिरिक्त वोट मिले।
‘पैसों के लिए पार्टी से गद्दारी की गई’
गौड़ा ने कहा कि नतीजे देखकर उन्हें बेहद दुख हुआ, क्योंकि भाजपा उम्मीदवार अपने निर्धारित वोट हासिल नहीं कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले जनप्रतिनिधियों ने पैसे के लिए खुद को बेच दिया और पार्टी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि जनता सिर्फ क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों से ही नाराज नहीं है, बल्कि उन नेताओं से भी नाराज है जो अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग में शामिल विधायकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के विश्वास को नुकसान पहुंचाती हैं।
धर्मस्थल में शपथ दिलाने के प्रस्ताव पर जताई आपत्ति
क्रॉस-वोटिंग की सच्चाई सामने लाने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने धर्मस्थल में विधायक दल की बैठक बुलाने का सुझाव दिया था। प्रस्ताव था कि विधायक भगवान मंजूनाथ के सामने शपथ लेकर सच बताएं। हालांकि, सदानंद गौड़ा ने इस विचार का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने विजयेंद्र और आर. अशोक दोनों के सामने साफ कहा है कि किसी पवित्र धार्मिक स्थल का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
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बीजेपी में बढ़ सकती है अंदरूनी हलचल
गौड़ा के इस बयान ने बीजेपी के भीतर जवाबदेही और संगठनात्मक निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पार्टी की नजर इस बात पर है कि क्रॉस-वोटिंग के पीछे कौन लोग थे और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।