मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और इसका नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) देश का सबसे अमीर नगर निकाय है। हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और बाढ़ से निपटने के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद जैसे ही तेज बारिश होती है, मुंबई के कई इलाके पानी में डूब जाते हैं, लोगों की जान चली जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि सबसे बड़े बजट और लगातार तैयारियों के बावजूद आखिर हर साल मुंबई क्यों डूब जाती है?
इस बार भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भर गया, अंडरपास डूब गए, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सायन समेत कई निचले इलाकों में लोगों को एक बार फिर बारिश से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि मुंबई में गर्मी की छुट्टियों की बजाय मानसून की छुट्टियां होनी चाहिए।