अपनी भावनाओं का इजहार करने के लिए फूलों को सबसे अच्छा माध्यम माना जाता है। ऐसे में जब मामला नया साल का हो तो बाजार में फूलों की मांग बढ़ना स्वाभाविक है क्योंकि इस दिन भारी संख्या में लोग अपने प्रियजनों को फूलों का उपहार देते हैं। एक अनुमान के मुताबिक नए साल की पूर्व संध्या यानी 31 दिसंबर और एक जनवरी के दिन दिल्ली की एक मात्र गाजीपुर फूल मंडी में लगभग दो करोड़ रुपये तक का फूलों का व्यापार हो जाता है। इस साल भी यह आंकड़ा इसके आसपास रहने का अनुमान है। दिल्ली की सबसे बड़ी फूलों की मंडी गाजीपुर के एक थोक व्यापारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि नए साल पर राजधानी में सबसे ज्यादा फूलों का व्यापार होता है। इसके अलावा मयूर विहार, आजाद मार्केट, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी फूलों का थोक व्यापार होता है।
बंगलौर के गुलाबों की सबसे ज्यादा मांग
गुलाब के फूलों में बंगलौर के गुलाब की मांग सबसे ज्यादा मांग होती है। इनकी कीमत भी सबसे ज्यादा होती है। बंगलौर के गुलाब की कीमत आज के बाजार में 180 से दो सौ रुपये प्रति बीस फूल की है। इसका कारण यह है कि बंगलौर के गुलाब तीन से चार दिनों तक अपनी खूबसूरती बनाए रखते हैं। जबकि गुरुग्राम और फरीदाबाद से आने वाले देसी गुलाब सस्ते तो होते हैं, ये80 से सौ रुपये में प्रति बीस फूल मिल जाते हैं। लेकिन वे एक दिन में ही खराब हो जाते हैं जिसकी वजह से इनकी मांग अपेक्षाकृत कम होती है।
थाईलैंड के फूल होते हैं लाजवाब
संतोष कुमार पांडेय के मुताबिक दिल्ली में विदेशी फूलों की मांग भी बहुत ज्यादा होती है। थाईलैंड से आने वाले गुलाब के फूल बड़ी साइज और गहरे चटख लाल रंग सहित अनेक रंगों के होते हैं। थोक बाजार में आज इनकी कीमत तीन सौ प्रति दस फूलों से अधिक की रही। ग्राहकों तक पहुंचने तक इनकी कीमत काफी अधिक बढ़ जाएगी। बुके के रुप में सजा दिए जाने के बाद इनकी कीमत एक हजार से लेकर मांग के मुताबिक दस हजार तक की भी हो सकती है। इसकी खपत दिल्ली के पॉश एरिया और पांच सितारा होटलों में होती है।
देसी बाजार भी बहुत पीछे नहीं
गाजीपुर फूल मंडी के व्यापारियों के मुताबिक थाईलैंड और बंगलौर के अलावा कोलकाता, नासिक, हिमाचल और उत्तराखंड से भी भारी मात्रा में फूलों का आयात होता है। हिमाचल से आने वाला गुलदावरी लोगों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है। दिल्ली और आसपास की एरिया से गेंदा के फूलों का सबसे ज्यादा कारोबार होता है। इन्हें मुख्यत: सजाने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाता है।