केंद्र सरकार देश के किसानों को मुहैया कराई जा रही फसल बीमा योजना को तकनीक से पुख्ता बनाने की तैयारी कर रही है। कृषि मंत्रालय ने सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों के माध्यम से हरियाणा में खेतों में फसल की हालत का पायलट प्रोजेक्ट भी किया है। इसमें मिली सफलता के आधार पर सरकार आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में वह फसल में हुए नुकसान और फायदे के साथ ही कितनी सरकारी खरीद की जाए, इसका भी पता लगा लेगी।
देश में किसानी को तकनीक के जरिये लाभ पहुंचाने के मुद्दे पर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार इस पर रूपरेखा तैयार कर रही है। हाल में कनाडा की एक कंपनी के साथ हुई चर्चा का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी ने प्रस्तुतीकरण दिया और हरियाणा में पायलट प्रोजेक्ट को अंजाम दिया गया। सीधे तौर पर सरकार को इसका फायदा कृषि पैदावार के आकलन, नुकसान और सरकारी खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने में दिखाई दे रहा है।
तकनीक से होगी किसानों की मदद
शेखावत ने कहा कि इसके जरिये फसल बीमा की व्यवस्था को चाक-चौबंद करना आसान है। सैटेलाइट तस्वीर के जरिये यह पता लगाना बहुत ही आसान है कि अमुक राज्य के किस क्षेत्र में कृषि को प्राकृतिक आपदा या ज्यादा बारिश या अन्य कारणों से कितना नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि हर तीसरे दिन की सैटेलाइट तस्वीरों के पायलट प्रोजेक्ट से हमें यह स्पष्ट हो गया कि तकनीक का उपयोग कर कृषि को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाया जा सकता है। साथ ही, सरकार विभिन्न स्तरों पर जानकारी हासिल कर किसानों की मदद कर सकती है।