कांग्रेस अधिकारिक तौर पर फिलहाल अकेले ही चुनाव लडने की बात कह रही है। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निष्कासन के बाद अखिलेश और कांग्रेस के हाथ मिलाने की चर्चा गरम हो गई है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव के साथ अंदरखाने गठबंधन को लेकर जहां बात खत्म हुई थी एक बार फिर शुरू हो सकती है। कांग्रेस ने देश के सबसे बड़े राज्य में अस्थिरिता पर चिंता जताई है।
कांग्रेस की यूपी टीम के नेता गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, शीला दीक्षित, संजय सिंह और प्रमोद तिवारी लगातार समाजवादी पार्टी के साथ किसी भी तरह की बातचीत या गठबंधन से इंकार करते रहे हैं।
बावजूद रणनीतिकार प्रशांत किशोर पहले मुलायम सिंह यादव और फिर अखिलेश यादव से भी मिले थे। वहीं प्रो. रामगोपाल के निर्देश पर सांसद नरेश अग्रवाल सोनिया गांधी के सलाहकार अहमद पटेल से मिल चुके हैं।