राज्यपाल रवि ने कहा, हमें प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहिए क्योंकि उनकी वजह से, हर कोई डॉ. आंबेडकर के बारे में सोचने लगा है। उन्होंने कहा कि विभाजन को टाला जा सकता था, अगर हमने संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर की बात मानी होती।
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने सोमवार को स्टालिन सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा, राज्य में दलितों के खिलाफ अपराधों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्य सरकार दलितों के खिलाफ कथित अपराधों को रोकने में विफल रही है और यहां आपराधिक न्याय प्रणाली पूरी तरह से धराशायी हो गई है।
विज्ञापन
उन्हाेंने मोदी@20 (ड्रीम्स मीट डिलीवरी) पुस्तक के तमिल संस्करण के मौके पर कहा, हमारे राज्य में हम सामाजिक न्याय के बारे में बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन हर दूसरे दिन आप दलितों के खिलाफ कुछ अत्याचार की खबरें सुनते हैं।
पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करें
राज्यपाल रवि ने कहा, हमें प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहिए क्योंकि उनकी वजह से, हर कोई डॉ. आंबेडकर के बारे में सोचने लगा है। उन्होंने कहा कि विभाजन को टाला जा सकता था, अगर हमने संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर की बात मानी होती। जब अंग्रेजों ने देश को विभाजित करने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए एक अलग निर्वाचक मंडल बनाने की कोशिश की तो आंबेडकर किसी चट्टान की तरह खड़े थे। उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी। रवि ने कहा, जब मुस्लिम नेताओं ने एक अलग पाकिस्तान की मांग की, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं ने सोचा कि इसे प्रबंधित किया जा सकता है। अगर हमने आंबेडकर की बात सुनी होती, तो विभाजन को टाला जा सकता था, यह उतना दर्दनाक नहीं होता। राज्यपाल ने आगे कहा, पहले लोग बीआर आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल सिर्फ राजनीति के लिए करते थे।