पुलगांव आयुध डिपो में लगी आग ने गोला बारूद के गंभीर हालत को किया उजागर
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पुलगांव आयुध डिपो में लगी आग ने सेना के विध्वंसकगोला बारूद के गंभीर हालत को उजागर कर दिया है। सेना के मास्टर जनरल आर्डिनेंस (एमजीओ) लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे ने रक्षा मंत्री मनोहर परिकर को अगाह किया है कि अगर इस संबंध में जल्द जरुरी कदम नहीं उठाए गए तो अन्य आयुध डिपो में भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
एमजीओ ने मंत्रालय को उन आयुध डिपो की ताजा सूची भेजी है जहां करीब 13 किस्म के गोला बारुद बड़ी मात्रा में खराब पड़े हैं। अपनी अवधि खो चुके इन गोला बारूद को रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बिना नष्ट नहीं किया जा सकता। शुरुआती जांच के मुताबिक पुलगांव डिपो में 31 मई को लगी भीषण आग की वजह छह साल से पड़े एंटी टैंक माइन्स हैं। रक्षा मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि इन माईन्स में मौजूद विस्फोटक रसायन टीएनटी धीरे धीरे रिस रहा था। इसमें लगी अचानक आग में करीब 16000 माईन्स चपेट में आया और हालात बेकाबू हो गए।
सूत्रों के मुताबिक सिर्फ पुलगांव में करीब 50 करोड़ कीमत के 90000 ऐसे माईन्स पड़े हैं जिन्हें फौरन नष्ट किया जाना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि खतरे के प्रति चेताते हुए सेना की तरफ से कम से कम बीस चिट्ठियां रक्षा मंत्रालय को भेजी गई। लेकिन रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आदेश नहीं मिला।
सूत्रों ने बताया कि पुलगांव में पड़े माईन्स की खेप 2011 में आयी थी। उसमें शुरु से ही गड़बड़ी थी। शिकायत पर आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड ने कहा कि वह इन्हें वापस ले जाकर दुरुस्त किया जाएगा। लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि अब परिकर इस मामले में ठोस फैसला करने वाले हैं। गौरतलब है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने भी दो साल पहले अपनी रिपोर्ट में विभिन्न आयुध डिपो में करीब 1.7 करोड़ के खराब व अवधि खो चुके गोला बारुद की जानकारी सरकार को दी थी।