सबरीमाला मंदिर से सोने के कथित गायब होने के मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पूर्व देवस्वओम मंत्री और सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) के वरिष्ठ विधायक कडकम्पल्ली सुरेंद्रन से पूछताछ की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूछताछ पिछले सप्ताह की गई थी और इस दौरान उनका बयान दर्ज किया गया। जैसे ही मीडिया में इस पूछताछ की खबर सामने आई, सुरेंद्रन ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह उस समय देवस्वओम मंत्री थे, जब मंदिर से सोने के नुकसान की घटना सामने आई थी। एसआईटी ने उनसे उस घटनाक्रम को लेकर सवाल किए।
अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि एसआईटी ने सुरेंद्रन से पूछताछ उस समय तेज की, जब आरएसपी नेता शिबू बेबी जॉन ने कुछ तस्वीरें सार्वजनिक कीं, जिनमें सुरेंद्रन मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ नजर आ रहे थे। इसके अलावा एसआईटी ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत से भी पूछताछ की है।
अब तक इस मामले में SIT 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें टीडीबी के दो पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं। यह मामला सबरीमाला मंदिर के द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों से सोने के गायब होने से जुड़ा है। हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी को हाल ही में जांच पूरी करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है।
कांग्रेस का राज्य सरकार पर तीखा हमला
इस बीच, विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने आरोप लगाया कि एलडीएफ सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सुरेंद्रन और पी. एस. प्रशांत से पूछताछ टालने के लिए एसआईटी पर दबाव बनाया। नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने भी मुख्यमंत्री कार्यालय पर जांच में दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पूछताछ होने से सीपीआई(एम) को राजनीतिक नुकसान हो सकता था, इसलिए जानबूझकर देरी की गई। सतीशन ने यह भी आरोप लगाया कि सुरेंद्रन का मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से सीधा संबंध रहा है और वही उसे देवस्वोम बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते थे। वहीं, एसआईटी ने मंगलवार को तमिलनाडु के व्यवसायी डी. मणि से भी इस मामले में पूछताछ की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सबरीमाला सोना मामले की तह तक जाने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
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