देश में कई राज्य सरकारों के साथ राज्यपाल की खटपट सामने आई है। वहीं इस मामले पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राष्ट्रीय सचिव के नारायण ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर हमला किया और उन्होंने सभी राज्यों से राज्यपालों को हटाने मांग कर डाली।
तेलंगाना सरकार और राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन के बीच 'फोन टैपिंग की घटना' और केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनाराई विजयन सरकार के बीच चल रहे झगड़े पर बोलते हुए भाकपा नेता के नारायण ने कहा कि राज्यपाल प्रणाली हमारे देश के लिए उपयोगी नहीं है।
उन्होंने कहा कि गैर-भाजपा के नेतृत्व वाले राज्यों में राज्यपाल राज्य सरकारों के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं- पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और नवीनतम तेलंगाना सभी उदाहरण हैं। केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यपाल को इन सरकारों को परेशान करने के लिए एक उपकरण के रूप में उपयोग किया जाता है। आगे कहा कि राज्यपालों को संविधान का पालन करना चाहिए और उसके दिशानिर्देशों पर चलना चाहिए। राज्यपालों को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। हम सभी राज्यपालों को वापस बुलाने की मांग करते हैं।
तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने बुधवार को राज्य में टीआरएस सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्हें संदेह है कि उनका फोन टैप किया जा रहा है। तेलंगाना की राज्यपाल और राज्य में केसीआर सरकार कुछ मुद्दों पर आमने-सामने हैं।
पीएम मोदी की रामागुंडम यात्रा पर बोलते हुए, के नारायण ने कहा कि पीएम मोदी 12 तारीख को रामागुंडम का दौरा कर रहे हैं। वे हर चीज का निजीकरण कर रहे हैं और राज्यों को अलग करने के दौरान किए गए वादे को लागू नहीं कर रहे हैं। लोग अपना गुस्सा दिखाएंगे। काले झंडे दिखाकर और रामागुंडम में बंद का अवलोकन करेंगे। हम सभी राजनीतिक दलों से मिलकर एक एक्शन कमेटी का आयोजन कर रहे हैं।