दिल्ली मेट्रो और केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग समेत आठ एजेंसियों द्वारा दिल्ली-एनसीआर में अपने निर्माणाधीन स्थानों पर उचित धूल प्रबंधन उपाय नहीं करने पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सख्त रुख अपनाया है।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्माण कार्य बंद करने की दी चेतावनी
सीपीसीबी ने इन आठों एजेंसियों को नोटिस जारी कर भवन निर्माण, विध्वंस अपशिष्ट और धूल प्रबंधन से जुड़े मानकों का सख्ती से पालन करने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर नियमों का पालन नहीं किया गया तो निर्माण कार्यों को बंद करा दिया जाएगा। इस बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने लगातार खराब हो रहे हवा के स्तर को देखते हुए सभी एजेंसियों से मिलकर काम करने का आह्वान किया है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर काबू पाया जा सके।
सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए गठित 50 टीमों ने जांच के दौरान पाया कि एनएचएआई, डीडीए, डीएसआईआईडीसी, एमटीएनएल, पीडब्ल्यूडी, डीजेबी, सीपीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी द्वारा निर्माण कार्यों के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
इसके लिए इन एजेंसियों को नोटिस जारी कर इनके प्रमुखों को दिल्ली-एनसीआर में सभी निर्माणाधीन स्थानों पर जाकर धूल प्रबंधन के उपायों को स्वयं समीक्षा करने और अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि उल्लंघन पाए जाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने के साथ ही निर्माण गतिविधियों को भी बंद किया जाएगा।