सार
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को कर्नाटक पहुंचे, जहां राज्यपाल थावरचंद गहलोत और मंत्री ईश्वर खंड्रे ने उनका स्वागत किया। वे भालकी में डॉ. बसवलिंग पट्टदेवरु महास्वामीजी के अमृत महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद कलबुर्गी में केंद्रीय विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को संबोधित करेंगे।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया
- फोटो : एक्स@VPIndia
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को कर्नाटक पहुंचे। जहां राज्यपाल थावरचंद गहलोत और कर्नाटक के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उपराष्ट्रपति अपने इस दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वे सबसे पहले बीदर जिले के भालकी स्थित श्री चन्नाबसवाश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में जाएंगे।
वहां वे आचार्य डॉ. बसवलिंग पट्टदेवरु महास्वामीजी के अमृत महोत्सव समारोह का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दिन में उपराष्ट्रपति कलबुर्गी जाएंगे। वहां वे केंद्रीय विश्वविद्यालय कर्नाटक के 10वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समारोह में वे छात्रों को संबोधित भी करेंगे और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देंगे। पूरा दौरा राज्य में शिक्षा और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अर्थ डे पर किया खास पोस्ट
बता दें कि इससे पहले उपराष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अर्थ डे पर आइए, हम अपने ग्रह की रक्षा और उसे बचाने का अपना वादा फिर से पक्का करें। भारत की सभ्यता की सोच ने लंबे समय से प्रकृति के साथ तालमेल बनाए रखा है, जैसा कि तमिल कवि थिरुवल्लुवर हमें याद दिलाते हैं, संसाधनों का सोच-समझकर और मिलकर इस्तेमाल करके सभी जीवों की देखभाल करना। उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे हम क्लाइमेट चेंज और पर्यावरण की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, आइए हम सस्टेनेबल लाइफस्टाइल अपनाएं और एक ज्यादा हरे-भरे, साफ भविष्य के लिए मिलकर काम करें।
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को किया याद
दूसरी ओर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए मासूम लोगों को याद किया। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मैं पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को पूरी गंभीरता और सम्मान के साथ याद करता हूं। उन्होंने कहा कि आतंक की उस भयानक और कायरतापूर्ण हरकत में जो निर्दोष जानें गईं, वे हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा के लिए अंकित हो गई हैं। मैं उन लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्हें हमने खो दिया और उनके परिवारों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा हूं, जिनका दुख अपार है। उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।