विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए भारत अपने संसाधन,अनुभव और विशेषज्ञता साझा करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि यहां तक कि महामारी के सबसे बदतर दिनों में भी उसने इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया कि वह (भारत) एक वैश्विक समुदाय में रहता है।
श्रृंगला ने कोविन वैश्विक सम्मेलन में कहा, 'जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड रोधी टीकाकरण के लिए भारत के प्रौद्योगिकी मंच 'कोविन' को जल्द ही सभी देशों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।' सम्मेलन में 140 से अधिक देशों के वरिष्ठ अधिकारी शमिल हुए, जिनमें यूरोपीय आयोग और भारत में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल थे। उन्होंने कहा, 'हम अपने संसाधन, अनुभव और विशेषज्ञता अन्य देशों के साथ साझा करना जारी रखेंगे।'
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विदेश सचिव ने कहा कि कोविन को विश्व भर में स्वास्थ्य जरूरतों के लिए अपनाया जा सकता है और भारत अपने साझेदारों को इसे उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'भारत ने महामारी के बदतर दिनों में भी इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया कि हम एक वैश्विक समुदाय में रह रहे हैं। हमारे शीर्ष नेतृत्व ने इस तथ्य को कभी नहीं भुलाया कि जिम्मेदार वैश्विक नागरिक मुश्किल समय में एक दूसरे की मदद करता है।'
श्रृंगला ने कहा कि कोविन मंच, नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी के उपयोग और कौशल तथा आखिरकार उम्मीद से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी मंच है जिसने हमें विश्व के सबसे महत्वाकांक्षी टीकाकरण अभियान के प्रबंधन और इसके पारदर्शी व न्यायसंगत संचालन में मदद की है। विदेश सचिव श्रृंगला ने भारत में महामारी की दूसरी लहर का जिक्र रकते हुए कहा कि इसके साझेदार देश मदद को आगे आए और जरूरत के समय मदद की।