प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चेतावनी के बावजूद गौ-रक्षकों के तेवरों में कोई बदलाव नहीं आया है। भाजपा-शासित असम में विभिन्न हिंदू संगठनों की ओर से ऐसी गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। हाल ही एक हिंदू संगठन हिंदू युवा छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं ने पशुओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे तीन वाहनों के ड्रॉइवरों और खलासियों पर हमले किए।
पशु व्यापारियों के पास वैध दस्तावेजों के होने के बावजूद उनकी जमकर पिटाई की गई। यह घटना राजधानी से सटे इलाके में हुई। ड्रॉइवरों ने पुलिस में मारपीट की लिखित शिकायत करने से मना कर दिया।
पुलिस ने बताया कि संगठन की ओर से वाहनों को रोकने की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम ने मौके पर पहुंच कर उनको बचाया और थाने ले आई। स्थनीय टीवी चैनलों में ड्रॉइवरों के साथ मारपीट के फुटेज दिखाने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई से इंकार कर दिया है।
गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त (पूर्व) मोहनीश मिश्र ने कहा कि ड्रॉइवरों ने मारपीट की कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई है। इस मामले की जांच चल रही है। सनद रहे कि बीते अप्रैल में नगांव जिले में पशुओं की तस्करी के आरोप में एक भीड़ ने दो मुस्लिम युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। पूर्वोत्तर राज्यों में बीफ की भारी खपत होने की वजह से कई राज्य पशुओं की खरीद-फरोख्त पर लागू पाबंदी का विरोध कर रहे हैं।