अध्ययन के अनुसार 2010 के बाद से गौहत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले आठ सालों (2010 से 2017) की गौहत्या के मामले में मुस्लिमों पर 86 फीसदी हिंसा के मामले हुए हैं। और जब से बीजेपी सरकार बनी है तब से मुस्लिमों पर हुए हिंसा के मामलों में आधे से ज्यादा 52 फीसदी मामले अफवाहों पर आधारित थे।
यह अध्ययन विश्लेषण 25 जून 2017 तक दर्ज हिंसा के मामलों से किया गया है। इस साल गाय संबंधित मामलों में मारे गए 28 लोगों में 24 मुस्लिम समुदाय से थे। हालांकि विश्लेषण में पाया गया कि गाय संबंधित हमलों में हुए हिंसा के शिकार 124 लोगों के घायल होने के मामले में आधे से ज्यादा 52 फीसदी मुद्दे अफवाहों पर आधारित थे।
हालांकि विश्लेषण में पाया गया कि गाय संबंधित हमलों में हिंसा के शिकार हुए मामलों में 2017 के पहले छह महीनों में 20 गाय-संबंधित हमलों की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है जो 2016 में होने वाले मामलों का 75 फीसदी से ज्यादा है। जो कि 2010 से ऐसी हिंसा का सबसे खराब वर्ष था।