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हिमाचल और हरियाणा के बजट में हिन्दुत्व के एजेंडे को धार के साथ दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर

Sat, 10 Mar 2018 04:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/शिमला
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हरियाणा और हिमाचल ने इस साल बजट में पहली बार गायों का खास ध्यान रखते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की मुहिम को धरातल पर उतारकर हिन्दुत्व के एजेंडे को धार दी है। हिमाचल ने शराब की बोतल पर एक रुपये गोवंश सेस व्यवस्था और मंदिरों के चढ़ावे का 15 फीसदी गोवंश संरक्षण पर खर्च की व्यवस्था लागू कर अनूठा प्रयोग किया है। वहीं हरियाणा सेक्सड सीमन की अमेरिकी तकनीक पर 50 करोड़ खर्च करेगा।
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गोसेवा आयोग का गठन

हिमाचल में सरकार गोसेवा आयोग का गठन करेगी जो नीति निर्धारण से लेकर गायों के लिए विकास कार्यक्रम तैयार करेगा। यहां मंदिरों के चढ़ावे का 15 फीसदी हिस्सा गोवंश पर खर्च किया जाएगा। साथ ही शराब की बोतल पर एक रुपये गोवंश सेस लगाया गया है।

गोमूत्र आधारित उद्योग पर 50 प्रतिशत निवेश अनुदान से लेकर गोसदन के लिए एक रुपये पर भूमि पट्टे तक देने की घोषणा की है। बेसहारा पशुओं के मालिकों की पहचान कर सरकार महिला मंडलों को इनकी देखभाल के लिए प्रोत्साहित करेगी। 
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हरियाणा में बछिया पैदा करने की अमेरिकी तकनीक

हरियाणा की मनोहर लाल सरकार पचास करोड़ रुपये का प्रावधान कर केवल बछिया पैदा करने की सेक्सड सीमन तकनीक अपनाने जा रही है। इसके तहत अमेरिका, इजरायल व न्यूजीलैंड से सेक्सड सीमन मंगवाकर बछड़ा पैदा होने वाले शुक्राणु निकालकर गायों पर प्रयोग किया जाएगा।

इससे हरियाणा को आवारा सांड़ों से मुक्ति मिलेगी, साथ ही गोवंश भी बढ़ेगा। हरियाणा सरकार इससे पहले गो संवर्धन व संरक्षण के लिए भी कड़ा कानून ला चुकी है।

यह है सेक्सड सीमन तकनीक 

सेक्सड सीमन एक विशेष प्रकार का वीर्य है। सिर्फ बछिया पैदा करने के लिए इससे कुछ शुक्राणु निकाल दिए जाते हैं। बछड़ा या बछिया दोनों में से एक ही पैदा हो, इसलिए ऐसा किया जाता है।

बछिया पैदा करने के लिए वीर्य से लैब में जांच के दौरान बछड़ा पैदा होने वाले संभावित शुक्राणुओं को निकाल दिया जाता है, जिससे बछिया ही पैदा होती हैं।
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