देश में कोरोना वायरस का खतरा अभी भी बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। इसीलिए सरकार बुजुर्ग और पहले से किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों को अपना खास ख्याल रखने की अपील कर रही है।
शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में 83 फीसदी मौतें उन लोगों की हुई है जिन्हें दिल, डायबिटीज, हाइपरटेंशन या किडनी इत्यादि की बीमारी कोरोना संक्रमण के पहले से थी। अब तक कोरोना वायरस की मृत्युदर 3.3 फीसदी दर्ज की गई है।
इसके अलावा कोरोना वायरस से मरने वाले मरीजों में 42.2 फीसदी की आयु 75 वर्ष या उससे अधिक देखने को मिली है। जबकि 75.3 फीसदी मौतें 60 वर्ष से अधिक आयु वालों की हुई हैं। इसी के चलते केंद्र व राज्य सरकारें सभी बुजुर्ग व किसी न किसी बीमारी से पीडि़त मरीजों को इस वक्त अपना विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने कहा कि जहां तक संभव हो सके हमारे बुजुर्ग व पहले से बीमार व्यक्ति घरों में ही रहें। हालांकि एक राहत यह भी है कि कोरोना वायरस से ठीक होने वाले व्यक्तियों की संख्या भी बढ़ रही है। अब तक देश में 1991 मरीज ठीक होकर वापस घर जा चुके हैं। मरीजों के स्वस्थ्य होने की दर 13.85 फीसदी दर्ज की जा रही है जो कोरोना प्रभावित अन्य देशों की तुलना में काफी बेहतर है।