कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश के उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों के योगदान देने का सिलसिला जारी है। आईआईटी गुवाहटी ने कोरोना सेंटरों के लिए बेंत का खास फर्नीचर तैयार करने के अलावा बेहद कम लागत में तैयार होने वाले खास मेकशिफ्ट कोरोना आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किए हैं। इन वार्ड को आवश्यकतानुसार कहीं भी खड़ा करते हुए अस्थायी अस्पताल तैयार किया जा सकता है।
आईआईटी के डिजाइन विभाग की टीम ने यह तैयारी संक्रमण का असर बढ़ने पर ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की स्थिति आने को ध्यान में रखकर की है। उनका दावा है कि इनके जरिये बेहद कम लागत में बड़े पैमाने पर बनाकर बहुत जल्दी छोटे स्वास्थ्य केंद्रों और इंडोर स्टेडियमों में अस्थायी अस्पताल तैयार किया जा सकता है। संक्रमण का असर खत्म होने के बाद इन्हें नष्ट करना भी बेहद आसान होगा।
डिजाइन विभाग के प्रोफेसर रवि मोकाशी पुणेकर के मुताबिक, 'उनकी टीम के डिजाइन का उपयोग करके रोजाना 200 से ज्यादा मरीजों के लिए नए बेड तैयार किए जा सकते हैं। उत्तरपूर्व भारत में बेंत शिल्प अहम आर्थिक आधार है। हालांकि अभी तक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों जैसी सामुदायिक सुविधाओं में इस शिल्प का उपयोग बेहद सीमित था, लेकिन इस प्रोजेक्ट (आईआईटी टीम के प्रोजेक्ट) ने इसकी अपार क्षमता को सामने ला दिया है।