केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने मंत्रालय द्वारा जारी उस मेमोरेंडम को वापस लेने को कहा जिसमें मंत्रालय ने ऐसे कर्मचारियों-अधिकारियों को 20 अप्रैल तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था जो लगातार अनुपस्थित चल रहे थे।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘मुझे उपभोक्ता मामलों के विभाग से इस नोटिस के बारे में पता चला है। इस बाबत विभाग के सचिव को निर्देश दिया गया है कि वो इस मेमोरेंडम को वापस लें और स्पष्टीकरण जारी करें। लॉकडाउन के दौरान कार्यालय एमएचए और डीओपीटी के आदेशों के अनुसार कार्य करते रहेंगे।
बता दें कि सोमवार को मंत्रालय द्वारा एक मेमोरेंडम जारी किया गया था जिसमें लिखा था कि विभाग के साथ काम करने में अनिच्छुक सभी अधिकारी-कर्मचारी 20 अप्रैल तक अपनी स्थिती स्पष्ट करें। जिससे उन्हें कार्यमुक्त करने का कदम उठाया जा सके। दरअसल राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद से ही उपभोक्ता मंत्रालय से जुड़े विभागों के कई कर्मचारी और अधिकारी अनुपस्थित हैं।
इनमें से कई नियमित रूप से दफ्तर नहीं आ रहे हैं। ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों को फोन के माध्यम से विभाग में आने के लिए भी कहा गया था। स्थिति में बदलाव नहीं होता देख अंत में मेमोरेंडम जारी किया गया था लेकिन अब इसे वापस ले लिया गया है।