केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस से लड़ने वाले योद्धा हैं और उन्हें जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन नंबर मुहैया कराया जाएगा, जो उनकी सैलरी में कटौती, भुगतान में देरी, सुरक्षा उपकरण न मिलना या फिर किराए के मकान से जबरन खाली कराने जैसी शिकायतों को सुनेगा। इस नंबर पर शिकायत मिलते ही दो घंटे में उसका निवारण किया जाएगा।
कोरोना के मद्देनजर नर्सों ने अपने लिए और मेडिकल स्टाफ के लिए चिकित्सीय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग को लेकर वकील बीजू वी रमन के जरिए याचिका दायर की थी, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के बीच इलाज के दौरान उन्हें कोरोना की चपेट में आने का अंदेशा बना रहता है, इसलिए उन्हें कोरोना से सुरक्षा संबंधी सभी चीजें मुहैया कराई जाएं।
उनके परिवार को कोरोना से बचाव के सभी साधन मुहैया कराए जाएं। घर से अस्पताल आने-जाने के लिए अलग से वाहन का इंतजाम कराया जाए। इस याचिका में यह भी कहा गया कि अस्पताल के निकट ही उनके ठहरने की व्यवस्था की जाए।