फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गृह मंत्रालय ने किया आश्वस्त, लॉकडाउन में राज्य के भीतर वस्तुओं की आवाजाही पर रोक नहीं

Mon, 13 Apr 2020 04:10 AM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
कोरोना वायरस और लॉकडाउन - फोटो : PTI
विज्ञापन

देश में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की स्थिति पर गृह मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य के भीतर सामान की आवाजाही पर रोक नहीं है। आवश्यक सामान बनाने वाली कंपनी या फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों को जिला प्रशासन की ओर से पास बनवाए जाएं। इंटर और इंटरा स्टेट ट्रांसपोर्ट में कोई समस्या नहीं है। गोदाम में सामान स्टोर किया जा सकता है।

विज्ञापन


रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य सरकारों को सुनिश्चित करना है कि जरूरी सामान को बनाने वाले मजदूरों को सुचारु रूप से पास मिले जिससे इन यूनिट्स में बाधा न आए। उन्होंने ये भी कहा कि आजकल लॉकडाउन की वजह से वर्क फ्रॉम होम चल रहा है। सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रांसजेक्शन का इस्तेमाल भी बढ़ गया है। ऐसे में साइबर सुरक्षा का मुद्दा काफी अहम है। इसीलिए गृह मंत्रालय ने ट्विटर पर एक साइबर दोस्त नाम से एकाउंट शुरू किया है। इसे फॉलो करते हुए लोग साइबर से जुड़ी सतर्कता इत्यादि के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हॉटस्पॉट क्षेत्र में आवश्यक सामान की घर घर जाकर डिलीवरी कराई जा रही है। इसके लिए वालंटियर्स व सिविल एजेंसियों का सहयोग ले रहे हैं। कुछ स्थानों पर भारतीय सेना के जवान भी आगे आए हैं। देश के कई गांवों में ये जवान जरूरी सामान लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

40 से अधिक वैक्सीन को तैयार करने का काम जारी
आईसीएमआर की तरफ से डॉ मनोज मुरहेकर ने बताया कि 40 से अधिक वैक्सीन को तैयार करने का काम चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई भी अगले चरण में नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अभी तक कोरोना वायरस के लिए कोई भी वैक्सीन नहीं है।
विज्ञापन

 

सरकार ने 13 देशों के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन जारी करने की मंजूरी दी। भारत सरकार के मुख्य प्रवक्ता केएस धतवालिया ने बताया कि कुछ देशों ने भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति के लिए अनुरोध किया था। घरेलू आवश्यकता का आकलन करने और बफर रखने के बाद, सरकार ने 13 देशों के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन जारी करने की मंजूरी दी है। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया में कोरोना मरीजों के ठीक होने के बाद उनमें फिर से वायरस के लक्षण देखे जाने वाले सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि यह हमारे लिए भी चिंता का कारण है, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हम सामाजिक दूरी का पालन जारी रखें।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें