बता दें कि ब्रिटेन की ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी ने कोरोना वायरस वैक्सीन का बच्चों पर ट्रायल शुरू किया था। इस दौरान बच्चों को ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की डोज दी जा रही थी। यह ट्रायल छह से 17 साल आयु वर्ग के 300 बच्चों पर किया जा रहा था, लेकिन वैक्सीन लगवाने वालों में खून के थक्के बनने की खबरों के बाद इस ट्रायल को रोक दिया गया है।
कई देशों ने वैक्सीन पर लगाई रोक
मार्च में इटली समेत कई देशों की सरकारों ने एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन से टीकाकरण को बैन कर दिया था। वैक्सीन का इस्तेमाल रोके जाने के बाद यूरोपीय मेडिसीन एजेंसी (ईएमए) ने स्पष्ट किया कि इसके फायदे खतरे से ज्यादा हैं और इसे इस्तेमाल में जारी रखना चाहिए। लेकिन उसने ये भी बताया था कि वैक्सीन और ब्लड क्लॉट्स के बीच संबंध की संभावना हो सकती है और इस हफ्ते संशोधित मूल्यांकन जारी होने की उम्मीद है।