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कोरोना: टीकाकरण से पहले केंद्र का राज्यों को निर्देश, बताया- किसे लगेगी वैक्सीन किसे नहीं

Fri, 15 Jan 2021 08:31 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए शनिवार से देशभर में टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। वहीं टीकाकरण अभियान से पहले, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दोनों टीकों (कोविशील्ड और कोवैक्सीन) के लिए एक व्यापक फैक्ट शीट भेजी है- इसमें वैक्सीन रोलआउट, फिजिकल स्पेसिफिकेशन, खुराक, कोल्ड चेन स्टोरेज की आवश्यकताओं, मतभेद और हल्की एईएफआईएस (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटना) के बारे में जानकारी शामिल है।

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मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 टीकों की विनिमयशीलता (एक टीका अलग, दूसरा अलग) की अनुमति नहीं है और गर्भवती तथा दूध पिलाने वाली महिलाएं टीके न लगवाएं क्योंकि उन्हें अभी तक किसी भी कोरोना वायरस-रोधी टीके के क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं बनाया गया है।



मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को लिखे पत्र में आपातकालीन परिस्थितियों में इनके इस्तेमाल को रेखांकित करते हुए कहा कि कोविड-19 टीके केवल 18 साल या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 टीकों और अन्य टीकों के बीच कम से कम 14 दिन का अंतराल लिया जा सकता है।
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यह भी पढ़ें- शनिवार से शुरू होगा टीकाकरण: तीन लाख लोगों को लगेगा टीका, कुछ लोगों से पीएम मोदी कर सकते हैं बात

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है, 'कोविड-19 टीकों की विनिमयशीलता की अनुमति नहीं है। दूसरी खुराक भी उसी टीके की लेनी होगी, जो पहले टीके की ली गई है।'

ऐसी हिस्ट्री वाले व्यक्तियों को नहीं लगेगा कोरोना टीका

  • कोरोना वैक्सीन की पिछली खुराक की वजह से ऑनफ्लेक्टिक या एलर्जी रिएक्शन 
  • वैक्सीन या इंजेक्टेबल थैरेपी, फार्मास्युटिकल उत्पाद, खाद्य-पदार्थ आदि से तुरंत या देरी से शुरू होने वाली एनाफिलेक्सिस या एलर्जी रिएक्शन


गर्भावस्था तथा स्तनपान कराने वाली महिलाएं
स्वास्थ्य मंत्रालय के पत्र में कहा गया है, 'गर्भवती तथा दूध पिलाने वाली महिलाओं को अभी तक किसी भी टीके के क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं बनाया गया है। लिहाजा गर्भवती या अपने गर्भवती होने को लेकर अनिश्चित महिलाएं इस समय कोविड-19 टीके न लगवाएं।'

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अस्थायी मनाही

  • सार्स-कोव-2 संक्रमण के सक्रिय लक्षण वाले व्यक्ति
  • सार्स-कोव-2 के मरीज जिन्हें सार्स-कोव-2 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी या प्लाज्मा दिया गया है
  • किसी भी बीमारी के कारण अस्वस्थ और अस्पताल में भर्ती (गहन देखभाल के साथ या बिना) वाले मरीज
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