टीके के अलावा श्वान में कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए एक जांच किट भी लॉन्च की गई। अभी तक बाजार में इस तरह की कोई किट उपलब्ध नहीं है। इसे कैन कोव-2 एलाइजा किट नाम दिया है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच देश में अब जानवरों का भी टीकाकरण किया जा सकता है। हरियाणा के आइसीएआर-नेशनल रिसर्च सेंटर आन इक्विंस (एनआरसी) ने देश का पहला टीका तैयार किया है जो कोरोना के डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे घातक वैरिएंट से भी जानवरों की सुरक्षा कर सकता है।
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वैज्ञानिकों ने एक जांच किट भी तैयार की है, जिससे श्वान में कोरोना का पता लगा सकते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से टीका और जांच किट को लॉन्च किया। वैज्ञानिकों ने बताया कि कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट को आइसोलेट कर एनोकोवैक्स नामक टीका तैयार किया है। शुरुआत में इसका इस्तेमाल श्वान, शेर, तेंदुआ, चूहा, खरगोश पर किया जा सकता है।
44 करोड़ के सालाना नुकसान से बचाएगी किट
आइसीएआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा के अनुसार एक और किट को लॉन्च किया है, जिसका नाम सुररा एलिजा किट रखा गया है। इसके जरिए ट्रिपैनोसोमा इवांसी नामक संक्रमण के बारे में पता किया जा सकता है। एक अनुमान के मुताबिक इस संक्रमण की वजह से देश में पशुधन उत्पादकता को सालाना 44.70 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
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श्वान में पता चलेगी एंटीबॉडी
टीके के अलावा श्वान में कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए एक जांच किट भी लॉन्च की गई। अभी तक बाजार में इस तरह की कोई किट उपलब्ध नहीं है। इसे कैन कोव-2 एलाइजा किट नाम दिया है। यह किट विशिष्ट न्यूक्लियो कैप्सिड प्रोटीन आधारित तकनीक पर तैयार की है। किट की खोज व उत्पादन भारत में हुआ है। इसके लिए एक पेटेंट दायर किया गया है।