कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना महामारी के इस दौर में एक तरफ जहां लोग एक दूसरे से दूरी बनाकर रहने लगे हैं और अपनों के अंतिम संस्कार में भी जाने से कतरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तिरुपति के एक विधायक मिसाल पेश कर रहे हैं। तिरुपति के विधायक भुमना करुणाकर रेड्डी इस वक्त जनसेवक होने का कर्त्तव्य बखूबी निभा रहे हैं। वे उन लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल हो रहे हैं, जिनकी मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई है और जिनके अंतिम संस्कार में कोई शामिल नहीं हो रहा है।
तिरुपति वाईएसआरसीपी के विधायक भूमा करुणाकर रेड्डी ने बुधवार को भी इसी पहल के अंतर्गत एक ऐसे कोरोना संक्रमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार में भाग लिया, जिसके परिजनों ने कथित तौर पर उसका साथ छोड़ दिया। विधायक ने तिरुपति के हरिश्चंद्र शमशान घाट में मानव विकास मंच के सदस्यों के साथ, मृतक के अंतिम संस्कार में भाग लिया।
कोविड-19 रोगियों के शरीर के प्रति भेदभाव को समाप्त करने का आह्वान करते हुए, तिरुपति वाईएसआरसीपी के विधायक भुमना करुणाकर रेड्डी ने कहा कि मृत्यु के छह घंटे बाद अंतिम संस्कार में शामिल होना परिवारों के लिए सुरक्षित है।
उन्होंने कहा, 'मृत्यु के बाद सभी समान हैं। बेशक, हमें कोरोना से निपटने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है, लेकिन एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार करना अपराध है। मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे भयभीत न हों और संक्रमित लोगों को सामाजिक दूरी बनाएं। अंतिम संस्कार को उनके रिवाज के अनुसार आयोजित किया जा सकता है क्योंकि कोरोनो वायरस कुछ घंटों के बाद शरीर से नहीं फैलते हैं।