स्केलांस्की ने कहा था कि स्वास्थ्यकर्मियों को इसका खास ख्याल रखना चाहिए। स्केलांस्की ने बताया कि जब उन्होंने हाथ ना मिलाने का प्रस्ताव दिया था तो उनके इस विचार का लोगों ने मजाक उड़ाया लेकिन अब अब मजाक बंद हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी खत्म होने के साथ ही हाथ मिलाने और गले मिलने जैसे सामाजिक स्पर्श स्थायी रूप से खत्म हो जाएंगे। पिछले महीने वॉल स्ट्रीट जर्नल के पॉडकास्ट में डॉक्टर एंथनी फौसी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि हमें कभी भी आपसे हाथ मिलाना चाहिए।'
यदि सामाजिक स्पर्श वाकई स्थायी रूप से खत्म हो जाते हैं तो यह सोचने का विषय है कि फिर इनकी जगह कौन लेगा? जैसे ही क्वारंटीन और आइसोलेशन का दौर खत्म होगा तो कुछ लोग हैंडशेक करने की कोशिश करेंगे, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो इससे परहेज करेंगे। मनोचिकित्सक और एक स्कूल में प्रशिक्षक एरोन स्मिथ कहते हैं कि महामारी खत्म होने के बाद बहुत कुछ अजीब होने जा रहा है, क्योंकि हाथ मिलाने और गले मिलकर किसी का अभिवादन करने का तरीका तो खत्म हो रहा है।
ऐसे में दुनिया के लोगों के पास एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसी का अभिवादन कैसे किया जाए, किसी का पेशेवर स्वागत कैसे किया जाए, पहली बार अपनी बेटी के प्रेमी से कैसे मिलना है? समस्या यह भी है कि यदि आपका कोई करीबी आपसे गले मिलना चाहता है लेकिन आप दूर हट जाते हैं तो इससे रिश्तों के खराब होने की भी संभावना है।
जब हम किसी को छू रहे होते हैं तो हम उसके बहुत करीब जा रहे होते हैं। किसी को गले लगाने के बाद लोगों में एक आत्मसंतोष उत्पन्न होता है और उन्हें सूकून मिलता है। किसी को गले लगाने पर आत्मीयता नजर आती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी स्कूल ऑफ मेडिसिन में टच रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक टिफनी फील्ड कहते हैं कि जब आप किसी को सामाजिक रूप से छू रहे होते हैं तो उनके प्रति आपका आक्रामक होना बहुत कठिन है। उदाहरण के तौर पर यदि आप किसी से रोज हाथ मिलाते हैं और गले लगाते हैं तो उसके साथ हिंसक होने से पहले आप कई बार सोचेंगे। कुल मिलाकर कहें तो किसी स्पर्श करने से उसके प्रति हमारा आदर और सम्मान बढ़ता है।
यदि आप वीडियो कॉल पर बात करते हुए या छह फीट की दूरी पर खड़े होकर किसी से बात करने में असहज महसूस कर रहे हैं तो आप अकेले नहीं हैं। दुनिया में लाखों लोग इस असहजता से जूझ रहे हैं। इस महामारी के बाद आप ऐसी बहुत सारी चीजों को मौखिक रूप से व्यक्त करने वाले हैं जिन्हें आप कभी स्पर्श के साथ व्यक्त करते थे। सामाजिक स्पर्श का विकल्प भाषा हो सकती है, लेकिन आपको अपने शब्दों को लेकर काम करना होगा, ऐसा ना हो कि आपकी भाषा की वजह से संबंध खराब हो जाएं। स्केलांस्की का मानना है कि किसी के अभिवादन के लिए नमस्ते एक विकल्प हो सकता है, हालांकि कई लोगों के लिए यह अजीब है और लोग मुस्कुराने लगते हैं. लेकिन यही एक विकल्प है जिसे वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।