स्वास्थ्य मंत्रालय व गृह मंत्रालय संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस
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स्वास्थ्य मंत्रालय व गृह मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में आज कोरोना वायरस स जुड़ी नई जानकारियां और तथ्य सामने रखे। इस दौरान गृह मंत्रालय ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि लॉकडाउन के दौरान नागरिकों को अधिक से अधिक राहत दी जाए। मंत्रालय ने कहा कि अब विदेशों से भारतीय नागरिकों को लाने का काम शुरू हो गया है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हर तीन में से एक मरीज ठीक हो रहा है और ये आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
गृह मंत्रालय ने कहा
- दूसरों राज्यों में फंसे लोगों के लिए बसें, ट्रेन चलाई गई हैं।
- रेलवे ने 222 विशेष ट्रेन चलाई हैं। अब तक करीब ढाई लाख लोगों ने यात्रा की है।
- अब विदेशों में फंसे नागरिकों को वापस लाने का लक्ष्य है।
- विमानों और जहाजों द्वारा इन्हें वापस लाने की प्रक्रिया 7 मई से शुरू हो गई है।
- विदेशों में फंसे लोग दूतावास में अपना पंजीकरण कराएंगे।
- बोर्डिंग से पहले यात्रियों की स्क्रीनिंग होगी, सिर्फ बिना लक्षण वाले ही लोगों को यात्रा की अनुमति होगी।
- इन्हें शपथपत्र देना होगा कि भारत पहुंचकर अपने खर्च पर क्वारंटीन में रहेंगे।
- 14 दिन के क्वारंटीन के बाद दोबारा कोविड 19 टेस्ट होगा।
- हर किसी को अपने फोन पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।
- विदेश मंत्रालय आने वाले यात्रियों की सूची राज्य सरकारों से साझा करेगी।
- जो लोग विदेश जाना चाहते हैं उनके लिए भी सुविधा शुरू की गई है।
- नौसेना का जहाज जलाश्व मालद्वीव पहुंच गया है, 700 लोगों को लेकर आ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा
- अब तक कुल 37916 सक्रिय केस।
- 24 घंटे में 3390 नए केस आए हैं, 103 लोगों की मौत हुई।
- 24 घंटे के दौरान 1273 मरीज ठीक हुए हैं।
- अब तक 16,540 मरीज ठीक हो चुके हैं।
- हमारा रिकवरी रेट 29.39 फीसदी है। हर तीन में से एक मरीज ठीक हो रहा है। ये आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
- 42 जिलों में 28 दिन से कोई केस नहीं
- 29 जिलों में 21 दिन से कोई मामला नहीं।
- 36 जिलों में 14 दिन से कोई नया मामला सामने नहीं आया।
- 46 जिले में 7 दिन से कोई केस नहीं।
- 216 जिलों में कोई मामला सामने नहीं आया है।
- 21 अस्पतालों को प्लाज्मा थेरेपी के क्लीनिकल टेस्ट की मंजूरी दी गई है।
- रेलवे ने 5231 कोच को कोविड केयर सेंटर में तब्दील किया है।
- इन्हें 215 स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा जहां कोरोना के हल्के व बहुत हल्के लक्षणों वाले मरीजों का इलाज होगा।
- एम्स निदेशक के इस बयान पर कि जून-जुलाई में कोरोना के मामले चरम पर जा सकते हैं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अगर हम प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों व नियमों का पालन नहीं करते हैं तो मामले बढ़ने की संभावना रहती है।
- कम्युनिटी सपोर्ट के अलावा हमें हर तरह के सहयोग की जरूरत है।
- महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली में मामले बढ़ रहे हैं।
- रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन इस आधार पर तय होता है कि वहां कितना डबलिंग रेट है, कितने मरीज हैं, कितने सही हो रहे हैं।
- नए आंकड़ों का विश्लेषण कर जल्द ही रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन की सूची जारी की जाएगी।
- दो दिन पहले डबलिंग रेट 12 दिन था लेकिन अब मामले बढ़ने से इसमें कुछ गिरावट आई है।
- चुनौती बहुत बड़ी है, हमें सभी के सहयोग की जरूरत है।