लव अग्रवाल (स्वास्थ्य मंत्रालय)
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कोरोना वायरस को लेकर संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में आज स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए आंकड़े और जानकारियां सामने रखीं। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा दुनिया में सबसे कम है। वहीं आईसीएमआर ने कहा कि आज हम रोजाना एक लाख 20 हजार टेस्ट कर रहे हैं। इस दौरान क्या क्या कहा मंत्रालय और आईसीएमआर ने पढ़ें-
- अभी तक 95,527 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैंं। मरीजों के ठीक होने की दर 48 फीसदी है।
- कोरोना के कारण मृत्यु दर 2.82 फीसदी है जो दुनिया में सबसे कम है।
- भारत में जिनकी मौत हुई है उनमें से 73 फीसदी लोगों को कोई न कोई बीमारी थी।
- देश की आबादी के 10 फीसदी हिस्से से ही 50 फीसदी मरीजों की मौत हुई है।
- सामुदायिक संक्रमण शब्द का इस्तेमाल करने की जगह हमें कोविड-19 संक्रमण के फैलाव की सीमा को जानने की जरूरत है।
- जरूरी है कि हम जागरूक रहें, हमारे निवारक प्रयास जारी रहें। हमें समय पर मेडिकल सलाह लें और इलाज लें।
- हमारे अबतक के प्रयास रहे हैं कि कैसे सरवाइव करें, अनलॉक में भी हम उसी पर आगे बढ़ेंगे। वायरस के साथ ही आगे बढ़ना होगा। उसी सपोर्ट के साथ हम आगे बढ़ते रहें।
- हमने सभी राज्यों से कहा है कि कोरोना केस को पहचानें, कांटेक्ट ट्रेस करें। किसी राज्य को इससे निपटने के लिए अगर कोई कदम उठाना है तो उठा सकता है।
- रेमडेसिविर दवा का इस्तेमाल: इसे इमरजेंसी के लिए अनुमति दी गई है। इसी आधार पर इसे मरीज को दिया जाता है। कितना डोज दिया जाना चाहिए, इसकी जानकारी हम प्रोवाइड करवा सकते हैं।
- किसी को अगर पहले से कोई बीमारी है तो उनके लिए जरूरी है कि वह अपनी स्थिति को सुधारे, इसे बिगाड़े नहीं, दवा लेते रहें। अगर कोई बुजुर्ग व्यक्ति रोग से ग्रसित है और गर्भवती महिला व 10 साल से कम उम्र के बच्चे घर से बाहर न निकलें।
- राज्य और केंद्र सरकार के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। पूरे देश ने देखा है कि सभी ने मिलकर किस तरह का काम किया है और नतीजे भी मिले हैं। अनलॉक फेज में हम सब मिलकर इस स्थिति का मुकाबला करें, इस वायरस से बचा सकें, हर नागरिक दिशा निर्देश का पालन करे।
- हमने सभी राज्यों से कहा है कि वे अपने यहां कोरोना मामलों को पूरी तरह खंगालें। अगर उन्हें लगता है कि अस्थायी कोविड 19 केयर सेंटर की जरूरत है, तो वे इसे बना सकते हैं।
आईसीएमआर ने कहा
- हमारे पास 681 लेबोरेटरी है जहां कोविड 19 टेस्ट हो रहे हैं। इसमें से 476 लैब सरकारी और 205 लैब निजी हैं। आज हम रोजाना एक लाख 20 हजार टेस्ट कर रहे हैं।
- कोविड-19 टेस्टिंग बढ़ाने के लिए हम अपनी क्षमता लगातार बढ़ा रहे हैं। ट्रूनेट स्क्रीनिंग और कन्फर्मेटरी टेस्ट को भी मान्यता दी गई है। जिलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधा बढ़ाई गई है।
- देश में अब भारतीय आरएनए किट्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आरटी-पीसीआर किट के लिए 11-12 वेंडर काम कर रहे हैं। अब हम टेस्टिंग को लेकर बेहतर स्थिति में हैं क्योंकि अब घरेलू स्तर पर बेहतर मदद मिल रही है।
- भारत ने मृत्युदर को काबू करने में बहुत सफलता हासिल की है। आप दूसरे देशों के आंकड़े देख सकते हैं। अगर किसी अस्पताल में किसी को मृत अवस्था में ही लाया जाता है, तो देखना जरूरी है कि उसकी मौत कोविड-19 से हुई है या किसी और वजह से।