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Covid-19: स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने फार्मा कंपनियों के साथ की बैठक, दवाइओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा

Thu, 29 Dec 2022 06:46 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कोविड दवाओं की स्थिति, उपलब्धता और उत्पादन क्षमता की समीक्षा की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री को बदलते वैश्विक परिदृश्य के बारे में जानकारी दी गई। 
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Mansukh Mandaviya - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कोविड दवाओं की स्थिति, उपलब्धता और उत्पादन क्षमता की समीक्षा की। कुछ देशों में कोविड मामलों में उछाल को देखते हुए यह समीक्षा बैठक की गई। ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फार्मा कंपनियों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला परिदृश्य पर कड़ी नजर रखने और कोविड दवाओं सहित सभी दवाओं की पर्याप्त भंडार तथा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। बयान के मुताबिक, फार्मा कंपनियों को एपीआई (दवा सामग्री) के उत्पादन और उपलब्धता के साथ-साथ कोविड प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाओं के निर्माण की बारीकी से निगरानी करने के लिए भी कहा गया।

स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने देश में कोविड महामारी के दौरान फार्मा कंपनियों के बहुमूल्य योगदान के लिए उनकी सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग मजबूत, लचीला और जिम्मेदार है। कंपनियों की अद्भुत क्षमता की वजह से हम न केवल महामारी के दौरान अपनी डिमांड को पूरा कर सके, बल्कि 150 देशों को दवाओं की आपूर्ति भी की गई। उन्होंने कहा कि यह सबकुछ गुणवत्ता में बिना किसी गिरावट के हासिल किया गया था और दवाओं की कीमत में कोई बढ़ोतरी भी नहीं की गई।
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फार्मा कंपनियों ने समर्थन का दिया आश्वासन
फार्मा कंपनियों ने स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में समय पर समीक्षा बैठक की सराहना की और निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। फार्मा कंपनियों ने कहा कि वे कोविड दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करने में सक्षम होंगी। समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, सचिव (फार्मा) एस अपर्णा, एनपीपीए अध्यक्ष कमलेश पंत, डीसीजीआई के डॉ वीजी सोमानी और दवा कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भारत में मिल रहे XBB वैरिएंट के मामले
बीएफ.7 वैरिएंट के लक्षण गंभीर नहीं हैं, लेकिन इसमें तेजी से फैलने की क्षमता है। इससे संक्रमित व्यक्ति एक साथ 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है। हालांकि अभी भी भारत में ओमिक्रॉन के XBB वैरिएंट के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। XBB वैरिएंट बीए.2.10.1 और बीए.2.75 से मिलकर बना हुआ है। यह भारत के साथ साथ 34 अन्य देशों में भी फैला हुआ है। यह वैरिएंट ओमीक्रोन परिवार के सभी वैरिएंट की तुलना में सबसे खतरनाक है।

भारत में फिल्हाल बीएफ.7 मामले गुजरात और ओडिशा में मिले हैं। हालांकि बीएफ.7 वैरिएंट का अपना कोई ट्रेडमार्क लक्षण नहीं है। लेकिन संक्रमित लोग ज्यादातर ऊपरी श्वसन संक्रमण का अनुभव कर रहे हैं। उन्हें बुखार, गले में खराश, नाक बहना और खांसी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं। कुछ लोगों को दस्त और उल्टी जैसी पेट संबंधी समस्याएं भी हो रही हैं।

इस तरह पहचानें लक्षण
राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार ग्रुप वैक्सीनेशन के चेयरमैन डॉ. एनके अरोड़ा के मुताबिक, इस वैरिएंट के लक्षण भी अन्य कोविड-19 वैरिएंट की तरह ही नजर आएंगे। लेकिन अगर इस नए वैरिएंट की बात करें, तो बदन दर्द इसका मुख्य लक्षण है। अगर किसी को लंबे समय से शरीर में दर्द हो रहा है, तो उसे कोविड टेस्ट कराने की जरूरत होगी। इसके अलावा, गले में खराश, थकान, कफ और बहती नाक भी इस सब वैरिएंट के लक्षण हो सकते हैं।

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