विमान नियामक एजेंसी डीजीसीए ने रविवार को कहा कि वह पायलटों सहित सभी विमानन कर्मियों के शराब के सेवन का पता लगाने के लिए की जाने वाली सांस की जांच (अल्कोहल जांच) को स्थगित कर रहा है। यह फैसला एयर इंडिया पायलट संघ द्वारा की गई गुजारिश पर किया गया है जिसने पत्र लिखकर डीजीसीए से कहा था कि इस जांच से कोरोना वायरस का संक्रमण का खतरा है।
कोरोना वायरस को लेकर उत्पन्न हुई स्थितियों के कारण और दिल्ली तथा केरल हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए निर्देशों को देखते हुए डीजीसीए ने एक आदेश में कहा कि वह अगले आदेश तक सभी हवाई अड्डों पर सभी विमानन कर्मियों के लिए सांस-विश्लेषक परीक्षण अस्थायी रूप से निलंबित कर रहा है।
डीजीसीए ने कहा कि लेकिन ड्यूटी के लिए रिपोर्टिंग करने वाले प्रत्येक विमानन कर्मी को इस तथ्य के संबंध में एक उपक्रम प्रस्तुत करना आवश्यक है कि उसने शराब का सेवन किया है या नहीं।
गौरतलब हो कि स्पाईसजेट ने रविवार को कहा कि उसका एक पायलट कोरोना वायरस से संक्रमित है, इसके बाद एयर इंडिया पायलट संघ ने विमानन नियामक डीजीसीए से गुजारिश की कि वह 'सांस विश्लेषक' (बीए) परीक्षण को अस्थायी रूप से निलंबित करें क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है।
स्पाइसजेट पायलट के मामले का उल्लेख करते हुए, इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) द्वारा एक पत्र में कहा गया था कि इन परिस्थितियों में बीए टेस्ट जारी रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि परीक्षण के लिए मशीन समान रहती है और संक्रमित पायलटों की सांस लेने से उत्पन्न हुई बूंदे स्वस्थ पायलटों को भी संक्रमित कर सकती हैं।
बीए टेस्ट में अल्कोहल की मात्रा को जांचने के लिए मशीन में फूंक मारना शामिल है। नियमों के अनुसार सभी फ्लाइट क्रू को अनिवार्य रूप से उड़ान के संचालन से पहले बीए टेस्ट देना होता है । आईसीपीए एक एयर इंडिया संघ का प्रतिनिधित्व करता है जो घरेलू उड़ानों और छोटी दूरी वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को चलाने वाले पायलटों का प्रतिनिधित्व करता है।
पत्र में कहा गया था कि प्री फ्लाइट और पोस्ट फ्लाइट से पहले किए जाने वाले बीए टेस्ट की प्रभावकारिता में विश्वास रखने वाले एक जिम्मेदार संघ के रूप में, हम बस हमारे पायलटों की सुरक्षा को लेकर आपके से इतना चाहते हैं कि आप इस पर विचार करें और उचित आदेश पारित करें।
इससे पहले, भारतीय पायलट गिल्ड ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से कोरोना वायरस के मद्देनजर पायलटों को अनिवार्य प्री-पोस्ट-फ्लाइट अल्कोहल परीक्षणों से छूट देने का आग्रह किया था।