प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामले में गिरफ्तार कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल को दूसरे रक्षा सौदे में भी रकम मिली जिसकी जांच की जानी है। अदालत ने मिशेल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार को बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड सौदे से मिशेल को 2.42 करोड़ यूरो और 1,60,96,245 पाउंड मिले।
ईडी ने कहा- मिशेल को दूसरे सौदे से भी मिली रकम
ईडी ने कहा कि छानबीन के दौरान पाया गया कि उसे दूसरे रक्षा सौदे से भी रकम मिली, जिसकी ईडी जांच करेगी। प्रवर्तन निदेशालय के विशेष लोक अभियोजक - डी पी सिंह और एन के माट्टा ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी ने नकदी हासिल करने और संपत्ति खरीदने के लिए हवाला ऑपरेटरों के जरिए धन का प्रवाह किया।
ईडी ने पूछताछ के लिए 14 दिन की हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद मिशेल को अदालत के समक्ष पेश किया। एजेंसी ने अदालत से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध करते हुए दावा किया कि अगर वह बाहर रहा तो न्याय के दायरे से बाहर जा सकता है।
ईडी ने कहा, आरोपी ब्रिटिश नागरिक है और भारत में उसका कोई नहीं है। खासकर, उसके पूर्व के आचरण को देखते हुए आशंका है कि वह भारत से फरार हो सकता है और कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश करेगा। उसे कठिन प्रत्यर्पण कार्यवाही के बाद इस अदालत में लाया गया है। न्याय के दायरे से उसके भागने से इंकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने याचिका मंजूर कर ली और उसे 26 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे से जुड़े सीबीआई के मामले में उसे 27 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मिशेल को हाल में ही दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। उसे 22 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था और तब से अदालती आदेश पर एजेंसी की हिरासत में था।