अदालत ने वीवीआईपी चॉपर डील से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच के दायरे में आए कारोबारी रतुल पुरी की अर्जी पर सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। पुरी ने उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट रद करने के लिए अर्जी दायर की है। यह अर्जी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर 20 अगस्त तक रोक लगने के बाद दायर की गई थी। ईडी उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है।
निचली अदालत ने पुरी के खिलाफ नौ अगस्त को गैर जमानती वारंट जारी किया था। अदालत ने इससे पहले छह अगस्त को उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। रतुल पुरी की अर्जी पर अदालत 21 अगस्त को फैसला सुनाएगी।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष वकील डीपी सिंह ने कहा कि रतुल पुरी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। इसलिए उसे गिरफ्तार किया जाना जरूरी है। लिहाजा उसका गैर जमानती वारंट रद न किया जाए।
ईडी ने कहा कि पुरी को कई बार बुलाया गया लेकिन वहां जांच में शामिल नहीं हुआ। उसे रविवार और सोमवार को भी बुलाया गया था। कोर्ट के समक्ष रतुल पुरी के वकील विजय अग्रवाल ने ईडी की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी वक्त बे वक्त उसके मुव्वकिल को बुलाती है।
ईडी ने सोमवार को सुबह 11.55 पर ई-मेल कर कहा कि एक बजे तक कार्यालय पहुंच जाए। यह गलत है क्योंकि इतने कम समय में कोई कैसे जांच में शामिल हो सकता है? रतुल पुरी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन ईडी का रवैया ठीक नहीं है।