केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश भर में अदालतों की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि सभी पक्ष अटॉर्नी जनरल को इसके लिए दिशा-निर्देश बनाने को सुझाव दें।
सुप्रीम कोर्ट ने 3 मई को अदालतों में न्यायिक कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा था। अटॉर्नी जनरल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कई देशों में अदालतों की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का चलन है।
पिछले साल ही शीर्ष अदालत ने पारदर्शिता के मद्देनजर सभी राज्यों के सत्र न्यायालयों और न्यायाधिकरण में आवाज सहित सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की अनुमति दी थी।
जोधपुर के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के छात्र स्वप्निल त्रिपाठी की याचिका में सुप्रीम कोर्ट के अंदर लाइव स्ट्रीमिंग रूम बनाने और विधि प्रशिक्षुओं को उसमें बैठने की अनुमति देने की मांग भी की गई है।