लिंग परिवर्तन के लिए छुट्टी की मांग को लेकर महाराष्ट्र हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली महिला पुलिसकर्मी को कोर्ट ने महाराष्ट्र के प्रशासनिक न्यायाधिकरण जाने का आदेश दिया है। बीड जिले में तैनात 28 वर्षीय इस महिला के शरीर में तीन साल पहले परिवर्तन देखे गए जिसमें उसके शरीर में वाई गुणसूत्र की मात्रा अधिक हो गई थी।
ललिता साल्वे की नाम की इस महिला पुलिसकर्मी ने लिंग परिवर्तन कराने के लिए एक महीने की छुट्टी की मांग की थी जिसे बीड पुलिस प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था। हालांकि यह महिला अब खुद को ललित पुकारना पसंद करती है। पिछले हफ्ते ललिता ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी।
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याचिका में ललिता ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को उसे इलाज के संबंध में छुट्टी दिए जाने के संबंध में दिशानिर्देश देने की मांग की थी। साल्वे के वकील एजाज नकवी ने सोमवार को न्यायाधीश एससी धर्माधिकारी और न्यायाधीश भारती डांगरे के समक्ष याचिका को पेश किया।
नकवी ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी। न्यायाधीश धर्माधिकारी ने कहा कि आखिर हम क्यों इस याचिका की सुनवाई करें? आप राज्य सरकार प्रशासनिक न्यायाधिकरण में जाएं।