योग गुरु स्वामी रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड में काम करने के बाद भी मेहनताना न मिलने के मामले में दायर याचिका पर अदालत ने योग गुरु सहित अन्य आरोपियों को तलब किया है। सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि निचली अदालत ने यह याचिका खारिज कर दी थी, जिसके विरुद्ध सत्र न्यायालय में रिवीजन दाखिल हुआ है। इस रिवीजन पर अदालत ने यह नोटिस जारी किए हैं। उन्हें 17 फरवरी को तलब होने को कहा है।
गोंडा के गांव रुदायन तारापुर निवासी ऋषि सारस्वत ने पिछले वर्ष सीजेएम न्यायालय में याचिका दायर कर स्वामी रामदेव निवासी बहादराबाद, हरिद्वार, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के सीएमडी रामभरत यादव निवासी घनपुरा हरिद्वार, सीएमडी राकेश शर्मा घनपुरा आदि को आरोपी बनाकर मुकदमे का अनुरोध किया था।
इस याचिका में आरोप है कि योग गुरु के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, युवा भारत किसान संगठन पतंजलि योग समिति संगठन में बतौर एजेंट 2010 में कार्य किया। 5000 रुपये प्रतिमाह मानदेय व इंसेंटिव तय था।
इसके बाद भी उसे मेहनताने के करीब दो लाख रुपये कंपनी ने नहीं दिए गए, जब वह रुपये मांगने कंपनी दफ्तर गया तो उसे धमकियां दी जाने लगीं। प्रकरण में दायर याचिका का संज्ञान लेकर कोर्ट ने परिवाद दर्ज कर लिया। बाद में 30 जुलाई 2016 को कोर्ट ने वाद खारिज कर दिया। इस मामले में वादी के अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी ने बताया कि निचली कोर्ट के आदेश के विरुद्ध जिला एवं सत्र न्यायालय में रिवीजन दाखिल किया गया। कोर्ट ने पक्ष रखने के लिए आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं।