मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी हैदराबाद के कारोबारी सतीश सना बाबू को अदालत ने सोमवार को जमानत दे दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बाबू को 26 जुलाई की रात गिरफ्तार किया था। पूछताछ पूरी होने के बाद वह न्यायिक हिरासत में था।
राउज एवेन्यू अदालत की विशेष न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने जमानत याचिका पर बचाव पक्ष और जांच एजेंसी की दलीलें सुनने के बाद बाबू को पांच लाख के निजी और इतनी ही राशि के जमानती मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने बाबू को जांच में सहयोग करने, जांच अधिकारी के बुलाने पर जाने, पासपोर्ट कोर्ट में जमा कराने, बिना अनुमति विदेश नहीं जाने, केस से जुड़े गवाहों व अन्य लोगों से नहीं मिलने का भी निर्देश दिया है।
जांच एजेंसी सना द्वारा मोइन कुरैशी से जुड़ी कंपनी के 50 लाख के शेयर खरीदे जाने की जांच कर रही है। इस मामले में पहले सना एक गवाह था, लेकिन अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे पहले पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उसने जांच में सहयोग नहीं किया तो गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीआई में शिकायत देकर बाबू ने आरोप लगाया था कि एक केस में राहत दिलाने के लिए उसने मोइन कुरैशी को घूस दी थी। यह घूस आगे सीबीआई के कई वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई थी। इस शिकायत के आधार पर सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने एजेंसी के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना समेत कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं में एफआईआर कराई थी। इस मामले की जांच अभी चल रही है।